पाकिस्तान के साथ चीन ने किया खेला! तालिबान के साथ हुआ सीक्रेट डील, भारत की हो गई बल्ले-बल्ले – Bharat24live

Shubham Raja
Date: 05-10-26 15:13
Afghanistan Wakhan Corridor: पाकिस्तान और चीन की जिस दोस्ती पर पाकिस्तान को काफी भरोसा है, अब उसी के बीच तालिबान ने नया रास्ता खोल दिया है. अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत में वाखान रोड का आधिकारिक उद्घाटन किया गया है. करीब 121 किलोमीटर लंबी यह सड़क ब्रोघिल इलाके से शुरू होकर चीन की सीमा के जीरो प्वाइंट तक जाती है. अफगान अधिकारियों की मौजूदगी में इसका उद्घाटन किया गया.
अफगानिस्तान के ग्रामीण पुनर्वास और विकास मंत्रालय के मुताबिक, वाखान रोड को दो चरणों में बनाया गया है. इस पर करीब 365 मिलियन अफगानी खर्च हुए हैं. सड़क में 66 कलवर्ट, 4 बड़े पुल और हजारों मीटर रिटेनिंग वॉल बनाए गए हैं. यह सड़क अफगानिस्तान और चीन के बीच सीधा जमीन संपर्क बनाने वाली अहम कड़ी है. यही वजह है कि इसे पाकिस्तान के लिए चिंता बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है.
चीन पहले भी चाहता रहा है कि पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान तक सड़क संपर्क बनाया जाए और आगे इसे मध्य पूर्व तक जोड़ा जाए. लेकिन पाकिस्तान के अंदरूनी हालात और कई दूसरी वजहों से यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी.
अफगानिस्तान को क्या फायदा होगा?
अफगानिस्तान लंबे समय से पाकिस्तान के रास्ते होने वाले व्यापार पर निर्भर रहा है. सीमा बंद होने या दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने पर व्यापार प्रभावित होता था. अब वाखान रोड के जरिए चीन से सीधा संपर्क बनने पर व्यापार और ट्रांजिट को बढ़ावा मिल सकता है. इससे स्थानीय कारोबार को भी फायदा होगा.
वाखान एक संकरी पट्टी है, जो ताजिकिस्तान को पीओके के गिलगित-बाल्टिस्तान इलाके से अलग करती है. अफगानिस्तान को उम्मीद है कि इस रास्ते के विकास से पामीर और वाखान के दूरदराज इलाकों में सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य और दूरसंचार जैसी सुविधाएं बेहतर होंगी.
वाखान कॉरिडोर करीब 350 किलोमीटर लंबा है और अलग-अलग जगहों पर इसकी चौड़ाई 16 से 64 किलोमीटर तक है. तालिबान सरकार का कहना है कि इसके विकास से दूरदराज के इलाकों को मुख्य नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी.
चीन के लिए वाखान कॉरिडोर का महत्व क्या?
चीन के लिए वाखान कॉरिडोर शिनजियांग से सीधे अफगानिस्तान तक पहुंचने का एक वैकल्पिक रास्ता बन सकता है. इससे चीन की CPEC पर निर्भरता कुछ कम हो सकती है. साथ ही अफगानिस्तान के खनिज संसाधनों और मध्य एशियाई बाजारों तक चीन की पहुंच आसान हो सकती है.
हालांकि अभी इस रास्ते पर कस्टम सुविधाएं और जरूरी बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार नहीं है. लेकिन सुरक्षा और बाकी सुविधाएं बेहतर होने पर यह भविष्य में अहम व्यापार मार्ग बन सकता है.
पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान के लिए बड़ा ट्रांजिट रूट रहा है. CPEC के जरिए चीन और पाकिस्तान के बीच व्यापार भी मजबूत है. लेकिन वाखान रोड के खुलने से अफगानिस्तान को चीन तक पहुंचने के लिए पाकिस्तान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. इससे पाकिस्तान का प्रभाव कम हो सकता है.
भारत को क्या फायदा हो सकता है?
भारत के लिए भी यह घटनाक्रम अप्रत्यक्ष रूप से अहम हो सकता है. अभी तक अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक जमीन के रास्ते पहुंचने में पाकिस्तान एक बड़ी बाधा रहा है. वाखान मार्ग के विकसित होने से क्षेत्र में नए व्यापारिक रास्ते खुल सकते हैं.
भारत ने अफगानिस्तान की क्षेत्रीय संप्रभुता और अखंडता का समर्थन किया है. अगर वाखान रोड आगे विकसित होता है तो इससे अफगानिस्तान की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और भारत के लिए भी क्षेत्रीय व्यापार के नए विकल्प बन सकते हैं. ऐसे में वाखान कॉरिडोर को चीन-पाकिस्तान के CPEC के सामने एक वैकल्पिक कनेक्टिविटी के तौर पर देखा जा रहा है.
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