कौशांबी के कड़ा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्थुवा में सोमवार को शिक्षक, लेखक और जलपुरुष रणविजय निषाद ने बच्चों के साथ शैक्षिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां कीं।
उन्होंने बच्चों को ‘आदि’ और ‘इत्यादि’ शब्दों का अर्थ समझाया। हिंदी वर्णमाला के अल्पप्राण, महाप्राण, अघोष और घोष व्यंजनों की जानकारी दी। उन्होंने सवाल-जवाब कर बच्चों की समझ परखी।
कार्यक्रम के आखिर में रणविजय निषाद ने छात्रों को जल संरक्षण का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि पानी सिर्फ प्यास बुझाने का साधन नहीं, बल्कि पृथ्वी पर जीवन का आधार है। इसके बिना जीवन संभव नहीं।
उन्होंने बढ़ती आबादी और जल के अत्यधिक दोहन से भविष्य में होने वाले जल संकट के बारे में बताया। निषाद ने वर्षा जल संचयन और पानी की बर्बादी रोकने पर जोर दिया। आखिर में बच्चों और शिक्षकों ने जल संरक्षण की शपथ ली और दूसरों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
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