Nepal Floods: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने चीन के तिब्बत से लगे पहाड़ी इलाके में भारी तबाही मचा दी. बाढ़ के तेज बहाव में कई गांव और निर्माणाधीन परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है. आशंका है कि इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में जान-माल का नुकसान हुआ है. बताया जा रहा है कि अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है. बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रसुवा जिले के स्याप्रुबेसी और टिमुरे शामिल हैं. प्रशासन ने भोटे कोशी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है. अधिकारियों का कहना है कि नदी का जलस्तर और बहाव लगातार चिंता का विषय बना हुआ है. नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार में गंडक और कोसी नदी के प्रभाव वाले इलाकों में भी अलर्ट किया गया है.
रसुवा के जिला प्रशासक नरेंद्र परियार ने बताया कि उन्हें कई गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बहने की जानकारी मिली है. हालांकि, अभी तक जान-माल के नुकसान का सही आंकड़ा सामने नहीं आया है. हालांकि, नुकसान काफी बड़ा हो सकता है. फिलहाल इसकी पुष्टि करना मुश्किल है. बाढ़ की वजह से 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राहत और बचाव कार्य के लिए टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजने के निर्देश दिए हैं. पुलिस और सेना के जवानों को भी राहत अभियान में लगाया गया है. सरकार ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें और स्थिति बिगड़ने पर तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं.
These visuals from the floods in Rasuwa, Nepal are absolutely horrific. The scale of the destruction looks unreal, almost like a scene from a disaster movie.The entire Himalayan belt needs to seriously work on better early warning systems for such flash floods. Prayers for… pic.twitter.com/7iiupXXIzT
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) August 26, 2026
भोटे कोशी नदी का उद्गम तिब्बत में होता है. यह नदी नेपाल में प्रवेश करने के बाद त्रिशूली नदी में मिलती है. आगे चलकर त्रिशूली नदी भारत में गंडक नदी के रूप में बहती है. इस वजह से नेपाल में आने वाली ऐसी बाढ़ का असर सीमा पार के इलाकों पर भी पड़ सकता है.
भोटे कोशी नदी में पिछले साल भी भीषण बाढ़ आई थी. उस घटना में 9 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 24 लापता हो गए थे. बाढ़ के कारण नेपाल और चीन को जोड़ने वाला ‘फ्रेंडशिप ब्रिज’ भी बह गया था. इसके चलते दोनों देशों के बीच व्यापार और परिवहन कई महीनों तक प्रभावित रहा था. क्षेत्रीय जलवायु निगरानी संस्था के अनुसार, पिछले साल की बाढ़ तिब्बत में एक ग्लेशियर के ऊपर बनी झील के अचानक खाली होने के कारण आई थी. इस बार भी अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज किया जा रहा है.
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार के कई जिलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है. गोपालगंज, सारण, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और वैशाली में प्रशासन ने लोगों से अलर्ट रहने की अपील की है. नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद गंडक नदी का पानी अचानक बढ़ने का खतरा है. NDRF की टीम को बेतिया और गोपालगंज भेजा जा रहा है साथ ही गंडक बैराज पर लगातार नजर रखी जा रही है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हालात पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने कहा कि एक उच्च स्तरीय टीम बनाई जा रही है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
परिणय कुमार को पत्रकारिता में लगभग 14 साल का अनुभव है. वह करियर की शुरुआत से ही पॉलिटिकल और स्पोर्ट्स की खबरें लिखते रहे हैं. 2008 में बिहार के ललित … और पढ़ें
Subscribe to Our Newsletter Today!
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
© 1998-2026 INDIADOTCOM DIGITAL PRIVATE LIMITED, ALL RIGHTS RESERVED