पूर्व राष्ट्रपति की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी बोलीं- इस अहम मोड़ पर भारत का नेतृत्व करने के लिए पीएम मोदी सही व्यक्ति – Live Hindustan

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहुत ही अहम मोड़ पर भारत का नेतृत्व करने के लिए बिल्कुल सही व्यक्ति हैं। इसके साथ ही उन्होंने दुनिया भर में फैली भू-राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल में भारत के लिए एक स्थिर सरकार के महत्व पर भी जोर दिया।
अपने लेख के बारे में बात करते हुए शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा, ‘मैंने एक लेख लिखा था जो कई हिंदी और क्षेत्रीय अखबारों में छपा था। उसमें मैंने 2014 के चुनाव और नरेंद्र मोदी जी के बारे में अपने पिता की कही एक बात साझा की थी। लोकसभा चुनाव के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी नए चेहरे को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था।’
शर्मिष्ठा ने कहा कि ‘2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के चेहरे के तौर पर पेश करना एक बहुत ही अनोखी बात थी। वरना, अगर आप कांग्रेस के अंदर भी देखें, तो चुनाव से पहले हमेशा यह मान लिया जाता है, खासकर अगर चुनाव पिछली सरकार के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लड़ा जा रहा हो, तो हमेशा यही माना जाता है कि वही व्यक्ति अगला प्रधानमंत्री बनेगा।’
आगे शर्मिष्ठा ने कहा, ‘लेकिन इस मामले में मोदी का चेहरा नया था, और उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर पेश किया गया था, इसलिए चुनाव परिणामों को देखकर ऐसा लगा कि जैसे लोगों ने सिर्फ भाजपा या नरेंद्र मोदी की पार्टी को नहीं, बल्कि भारत का नेतृत्व करने के लिए नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री के तौर पर चुना था। तो यह एक बहुत ही अनोखी बात थी। यह बात मेरे पिता ने कही थी।’
शर्मिष्ठा मुखर्जी ने आगे कहा, ‘और यह भी अभूतपूर्व बात थी कि पहली बार लोकसभा सांसद बनने वाले नरेंद्र मोदी जिन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी पहचान भी बनाई थी और अपने आस-पास एक खास छवि बनाई थी। लेकिन साल 2014 उनका पहला लोकसभा चुनाव था। तो भारत के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ था कि पहली बार सांसद बना कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री के तौर पर संसद भवन में प्रवेश कर रहा हो। तो यह काफी अनोखा था।’
चुनाव नतीजों के बाद अपने पिता की प्रधानमंत्री मोदी से हुई बातचीत को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘चुनाव के बाद जब नरेंद्र मोदी मेरे पिता से मिलने आए, तो मेरे पिता ने उनसे कहा कि यह जनादेश सिर्फ आपकी पार्टी के लिए नहीं है, बल्कि यह आपके लिए भी है, इसलिए आपकी जिम्मेदारी कहीं ज्यादा बड़ी है।’
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर बात करते हुए मुखर्जी ने कहा, ‘मोदी एक मजबूत और स्थिर सरकार देने में कामयाब रहे हैं, और मुझे लगता है कि बेहद जरूरी है, खासकर आज के दौर में जब हम दुनिया भर में भू-राजनीतिक अनिश्चितता देख रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए एक मज़बूत और स्थिर केंद्र सरकार और मजबूत नेतृत्व का होना बहुत जरूरी है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि श्री मोदी भारत का नेतृत्व करने के लिए सही व्यक्ति हैं, खासकर विश्व राजनीति को ध्यान में रखते हुए, ऐसे बहुत ही अहम मोड़ पर।’
शर्मिष्ठा ने नरेंद्र मोदी को आजाद भारत के सबसे मजबूत प्रधानमंत्रियों में से एक बताया, जो उनके अनुसार एक स्थिर सरकार देने में सफल रहे हैं। आगे उन्होंने कहा, ‘चाहे पंडित नेहरू हों, नरेंद्र मोदी, इंदिरा गांधी, नरसिम्हा राव या मनमोहन सिंह हों, आपको सबको एक दूर के नजरिए से देखना होगा। हर प्रधानमंत्री ने राष्ट्र-निर्माण के काम में योगदान दिया है। इसलिए मेरे मन में, इस बात की कोई होड़ नहीं है कि किसने क्या किया। कोई भी पूर्ण नहीं है, कोई भी सरकार पूर्ण नहीं है। लेकिन हर कोई अपनी कोशिश में ईमानदार रहा है, और हर किसी ने भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।’
आगे उन्होंने कहा, ‘सरकार की आलोचना करना विपक्ष का काम है और यह सही भी है। लेकिन जैसा कि मैंने कहा, सही मूल्यांकन कुछ समय बाद, दूर से ही हो पाता है। इसलिए मैं उस बारे में कुछ नहीं कहना चाहती। लेकिन नरेंद्र मोदी जी के बारे में एक बात जरूर कहना चाहूंगी कि वे शायद आजाद भारत के सबसे मजबूत प्रधानमंत्रियों में से एक हैं, जो एक मजबूत और स्थिर सरकार देने में सफल रहे हैं।’
पिछली गठबंधन सरकारों से तुलना करते हुए मुखर्जी ने कहा, ‘UPA-1 और UPA-2 के दौरान, हमने देखा है कि गठबंधन की राजनीति में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। समस्या यह है कि गठबंधन के सहयोगी दल लगातार, एक तरह से, सरकार को धमकाते रहते हैं। और आप कोई कड़े नीतिगत कदम नहीं उठा पाते।’
पिता ने डायरी में पीएम इंदिरा गांधी से की थी तुलना
मुखर्जी ने आगे बताते हुए कहा, ‘मेरे पिता ने अपनी डायरी में लिखा था कि इंदिरा गांधी के बाद, वे (पीएम मोदी) ही एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो लोगों की नब्ज को इतनी अच्छी तरह समझते हैं। और मुझे याद है कि यह बात जम्मू-कश्मीर में आई भीषण बाढ़ केॉ संदर्भ में लिखी गई थी। और मोदी जी ने दिवाली मनाई थी- मुझे लगता है, पहले सियाचिन में और फिर जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ… और दूसरी बात, उन्होंने इस बात की बहुत तारीफ की थी कि कैसे मोदी जी ने विदेश नीति की बारीकियों को बहुत तेजी से समझा।’
प्रणब मुखर्जी के RSS मुख्यालय जाने पर उनकी बेटी ने कहा, ‘वे हमेशा कहते थे कि लोकतंत्र की ताकत बातचीत में है। तो मुझे याद है कि उस समय मैं कांग्रेस की राजनीति में पूरी तरह शामिल थी और अपने पिता से बहुत नाराज थी। इसलिए वे चुप रहे। एक बहस चल रही थी कि RSS जाकर प्रणब मुखर्जी RSS को मान्यता दे रहे हैं। तो मैंने भी वही बात दोहराई कि आप RSS को मान्यता दे रहे हैं। तब वे नाराज हो गए और बोले, मैं कौन होता हूं RSS को मान्यता देने वाला? यह देश के लोग हैं, भारत के लोग हैं जिन्होंने RSS को मान्यता दी है, क्योंकि उन्होंने उनके ही एक प्रचारक को निर्णायक जनादेश के साथ प्रधानमंत्री चुना है। और अगर आप यानी कांग्रेस इसे अनदेखा करते हैं, तो इसका नुकसान आपको ही उठाना पड़ेगा।’
सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव
सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।
आरएसएसविज्ञापन र॓टहमार॓ साथ काम करेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT AutoHealthshotsHT SmartcastFAB Play

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News