पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में चिकित्सा की विभिन्न सेवाओं के बीच ब्लड सेंटर की सुविधा के माध्यम से प्रत्येक दिन औसतन तीस रोगी को जरूरत के रक्त की आपूर्ति हो रही है। पिछले एक माह में 1274 युनिट रक्त का कलेक्शन किया गया। इस कलेक्शन में अलग अलग जगहों पर लगे रक्तदान शिविर और प्रत्येक दिन होने वाले रक्त एक्सचेंज शामिल है। यहां ब्लड सेंटर में स्थापित ब्लड कम्पोनेंट सेपरेटर की सुविधा के माध्यम से प्लेटलेट्स, प्लाज्मा और पीआरबीसी की सुविधा तैयार की जाती है। ऐसी स्थिति में यहां पिछले एक माह में तीनों उपलब्ध सुविधाओं के माध्यम से 746 युनिट की सुविधा का लाभ जरूरतमंदों को मिला है। ब्लड सेंटर के मुख्य तकनिशियन शंकर कुमार बताते हैं कि यहां ब्लड कम्पोंनेंट सेपरेटर की सुविधा से हर तरह के जरूरत वाले रोगी को तैयार रक्त की सुविधा का लाभ मिल जाता है। अगस्त माह में 51 युनिट प्लेटलेट्स जरूरतमंदों को आपूर्ति की गई। इनके अलावा जरूरतमंद थैलेसीमिया के रोगी के बीच 195 युनिट रक्त पीआरबीसी नि:शुल्क रूप में प्रदान की गई। कुल 746 जरूरतमंदों को रक्त की आपूर्ति की सेवा दी गई।
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ब्लड सेंटर में फ्रिजिंग की सुविधा में एक हजार युनिट रक्त रखने की क्षमता है। यह सुविधा यहां 24 घंटे उपलब्ध रहती है। इसके लिए तीन अलग अलग शिफ्ट में तकनिशियन समेत तीन से चार कर्मियों की तैनाती रहती है। यहां ब्लड कम्पोंनेंट सेपरेटर की सुविधा होने से हर जरूरतमंद को रक्त की सुविधा का लाभ मिल जाता है। इससे प्लेटलेट्स की जरूरत वाले रोगी को प्लेटलेट्स की सुविधा या फिर किसी भी तरह के जले हुए रोगी को प्लाज्मा की सुविधा का लाभ मिल जाता है। एनीमिया की कमी वाले रोगी या फिर थैलेसीमिया पीड़ित को पीआरबीसी की सुविधा का लाभ मिल जाता है। ब्लड सेंटर के नोडल चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. महादेव मंडल बताते हैं कि यहां 24 घंटे ब्लड सेंटर की सुविधा संचालित है। इस सुविधा के माध्यम से अस्पताल में भर्ती रोगी से लेकर निजी चिकित्सा संस्थान के जरूरतमंद को भी जरूरत के लाभ मिल जाता है।
-मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि ब्लड सेंटर के माध्यम से जीएमसीएच में भर्ती रोगी और थैलेसीमिया के रोगी को नि:शुल्क रक्त की आपूर्ति की सुविधा का लाभ दिया जाता है।
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