अंजनी गौतम फारबिसगंज, एक संवाददाता।
पूर्वांचल से पूर्वोत्तर भारत के बीच रेल संपर्क को और मजबूत एवं सुगम बनाने की दिशा में भारतीय रेल ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। देश के सात व्यस्ततम रेल रूटों में शामिल गोरखपुर-गुवाहाटी रेल कॉरिडोर की महत्वाकांक्षी मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत रक्सौल, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सरायगढ़, फारबिसगंज,अररिया होते हुए न्यू जलपाईगुड़ी तक के रेल मार्ग पर अतिरिक्त रेल लाइनें बिछाई जाएंगी।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा इसकी घोषणा किए जाने के बाद फारबिसगंज सहित पूरे सीमांचल क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है।
सामरिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इस परियोजना के पूरा होने के बाद फारबिसगंज का रेल नेटवर्क देश के प्रमुख हिस्सों से और अधिक मजबूत तरीके से जुड़ सकेगा। इससे गुवाहाटी से दिल्ली तक रेल संपर्क को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। रेलमंत्री ने परियोजना की जानकारी साझा करते हुए कहा है कि मल्टी ट्रैकिंग से माल परिवहन के साथ-साथ यात्री परिवहन में भी व्यापक बदलाव आएगा तथा रेल परिचालन की क्षमता में वृद्धि होगी।
रेल यात्रियों को बढ़ेंगी सुविधाएं, परिचालन दबाव होगा कम:
रेलमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए बिहार डेली पैसेंजर्स एसोसिएशन की केंद्रीय समिति के सदस्य बछराज राखेचा एवं इंडो-नेपाल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ रेल यूजर्स के सदस्य विनोद सरावगी ने कहा कि मल्टी ट्रैकिंग परियोजना से इस रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन का दबाव कम होगा। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। इससे लंबे समय से रेल सुविधाओं के मामले में उपेक्षित सीमांचल क्षेत्र के यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने से उत्तर भारत, पूर्वांचल, मिथिलांचल, कोसी, सीमांचल एवं पूर्वोत्तर भारत के बीच रेल संपर्क और अधिक विस्तृत एवं व्यापक होगा। अतिरिक्त रेल लाइनें बनने से ट्रेनों के परिचालन में भी सुगमता आएगी और रेलखंड पर बढ़ते यातायात का दबाव काफी हद तक कम होगा।
व्यापार, पर्यटन और शिक्षा को भी मिलेगा बढ़ावा:
चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव राकेश रौशन ने मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को महत्वपूर्ण बताते हुए रेल मंत्रालय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से फारबिसगंज सहित सीमांचल के उपेक्षित क्षेत्रों में व्यापार, पर्यटन, चिकित्सा,शिक्षा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच सामाजिक एवं व्यावसायिक संबंध भी और मजबूत होंगे।
हावड़ा के लिए ट्रेन और राजधानी एक्सप्रेस चलाने की मांग:
वहीं बिहार रेल यूजर्स एसोसिएशन के रीजनल सेक्रेटरी चंदन भगत ने सुपौल से राघोपुर, नरपतगंज, फारबिसगंज और अररिया के रास्ते हावड़ा के लिए त्रिसाप्ताहिक ट्रेन चलाने की मांग को लेकर रेल मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव का स्वागत किया। उन्होंने इस पहल के लिए सुपौल के सांसद दिलकेश्वर कामत के प्रति आभार जताया।
उन्होंने डिब्रूगढ़-गुवाहाटी के बीच चलने वाली किसी एक राजधानी एक्सप्रेस को ठाकुरगंज, सिलीगुड़ी, फारबिसगंज एवं दरभंगा के रास्ते चलाने की मांग को भी महत्वपूर्ण बताया। रेल उपयोगकर्ता संगठनों का मानना है कि मल्टी ट्रैकिंग परियोजना के साथ नई ट्रेनों के परिचालन और मौजूदा रेल सेवाओं के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिसका सीधा लाभ फारबिसगंज एवं सीमांचल के रेल यात्रियों को मिलेगा।
हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में ‘हिन्दुस्तान’ विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play