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7 मई 2025 को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी ताकत दिखाई. सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने इस अभियान में अहम भूमिका निभाई. पाकिस्तानी सीमा पर बने आतंकी ठिकानों को नष्ट किया. 27 मई 2025 को जम्मू में BSF ने एक हथियार प्रदर्शनी में स्वदेशी ‘विध्वंसक’ एंटी-मटेरियल राइफल सहित कई हथियारों का प्रदर्शन किया, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किया गया. इस राइफल ने पाकिस्तानी बंकरों, टावरों और अवलोकन चौकियों को तबाह कर दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर किया.
ऑपरेशन सिंदूर का पृष्ठभूमि
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए. भारत ने इस हमले का जिम्मेदार जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों को ठहराया, जो पाकिस्तान से संचालित हैं. जवाब में, भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया.
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पाकिस्तान ने 8-10 मई को भारतीय सैन्य और नागरी ठिकानों पर 413 ड्रोन और 860 मिसाइल हमले किए, जिन्हें भारत की वायु रक्षा प्रणालियों (जैसे आकाश और स्पाइडर) ने नाकाम कर दिया. BSF ने जम्मू और पंजाब सीमा पर जवाबी कार्रवाई करते हुए 76 पाकिस्तानी चौकियों, 44 फॉरवर्ड डिफेंस लोकेशन (FDLs) और 3 आतंकी लॉन्च पैड्स को नष्ट किया.
BSF की हथियार प्रदर्शनी
27 मई 2025 को जम्मू के BSF फ्रंटियर हेडक्वार्टर्स में एक हथियार प्रदर्शनी आयोजित की गई. इसमें BSF ने ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए हथियारों को प्रदर्शित किया, जिनमें विध्वंसक राइफल, ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर, 12.7 मिमी एंटी-एयरक्राफ्ट गन और मीडियम मशीन गन (MMG) शामिल थे. BSF के जवानों ने दिखाया कि कैसे इन हथियारों ने पाकिस्तानी चौकियों को तबाह किया.
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‘विध्वंसक’ एंटी-मटेरियल राइफल: भारत का गर्व
‘विध्वंसक’ एक स्वदेशी एंटी-मटेरियल राइफल है, जिसे आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ARDE) और ऑर्डनेंस फैक्ट्री तिरुचिरापल्ली ने विकसित किया. यह ऑपरेशन सिंदूर में BSF का सबसे घातक हथियार साबित हुआ. इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं…
रेंज और ताकत
रेंज: 1300 मीटर (प्रभावी) और 1800 मीटर (अधिकतम).
यह 14.5 मिमी और 20 मिमी गोला-बारूद इस्तेमाल करता है, जो बंकरों, टावरों और बख्तरबंद वाहनों को नष्ट कर सकता है. एक मैगजीन में 3 राउंड होते हैं. बैरल, बोल्ट और मैगजीन को जरूरत के हिसाब से बदला जा सकता है. 
विध्वंसक की खासियतें
1300 मीटर तक सटीक निशाना लगाता है. बंकरों और बख्तरबंद वाहनों को आसानी से नष्ट करता है. अलग-अलग गोला-बारूद और बैरल के साथ विभिन्न मिशनों के लिए उपयुक्त. भारत में निर्मित, जिससे रखरखाव और आपूर्ति आसान. BSF अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी चौकियां विध्वंसक के सामने टिक नहीं पाईं. यह इतना तेज है कि पानी के बहाव को भी रोक सकता है.
ऑपरेशन में प्रभाव
BSF अधिकारी राकेश कौशिक ने बताया कि विध्वंसक ने पाकिस्तानी अवलोकन चौकियों, बंकरों और पिलबॉक्स को पूरी तरह नष्ट किया. सियालकोट सेक्टर में इसने लूनी कैंप (हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा) को तबाह किया.
स्वदेशी तकनीक
पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ हथियार, जो भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है. 2024 में BSF ने 40 विध्वंसक राइफल्स का ऑर्डर दिया था.
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अन्य हथियारों की भूमिका
ऑपरेशन सिंदूर में BSF की उपलब्धियां
BSF ने ऑपरेशन सिंदूर में निम्नलिखित उपलब्धियां हासिल कीं…
IG जम्मू शशांक आनंद ने कहा कि हमने दुश्मन के ठिकानों को नष्ट किया. उन्हें अपनी BOPs छोड़ने पर मजबूर किया. BSF की महिला जवानों ने भी इस ऑपरेशन में हथियार चलाए. एक महिला जवान ने BOP की कमान संभाली.
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ऑपरेशन का व्यापक प्रभाव
ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, बल्कि कई रणनीतिक प्रभाव छोड़े…
पाकिस्तान पर दबाव: गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ऑपरेशन ने पाकिस्तान के 100 किमी अंदर तक आतंकी कैंपों को नष्ट किया.
भारत की ताकत: BSF और IAF की सटीक कार्रवाई ने भारत की सैन्य और तकनीकी श्रेष्ठता दिखाई.
सीमा पर सतर्कता: ऑपरेशन के बाद BSF ने गुजरात और पंजाब में घुसपैठ की कोशिशें नाकाम कीं. 21 और 25 मई को दो पाकिस्तानी घुसपैठिए पकड़े गए.
महिलाओं की भूमिका: BSF की महिला जवानों ने पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी.
नामकरण प्रस्ताव: BSF ने सांबा की एक चौकी का नाम ‘सिंदूर’ और अन्य चौकियों का नाम शहीदों के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया.
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