बंगाल सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन पेंशन व्यवस्था शुरू की है, जिससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और पेपरलेस बनेगी। इसके तहत पेंशन दस्तावे …और पढ़ें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी।
बंगाल सरकार ने ऑनलाइन पेंशन व्यवस्था शुरू की।
प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और पेपरलेस बनाना उद्देश्य।
पेंशन दस्तावेज अब पीएसएआई पोर्टल पर ऑनलाइन।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों की पेंशन प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए बंगाल सरकार ने ऑनलाइन पेंशन व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत पेंशन दस्तावेज और कर्मचारियों की इलेक्ट्रानिक सर्विस बुक अब महालेखाकार कार्यालय के पेंशन सिस्टम आटोमेशन इनिशिएटिव (पीएसएआइ) पोर्टल पर आनलाइन भेजी जाएगी।
वित्त विभाग की आडिट शाखा की ओर से जारी ज्ञापन के अनुसार, यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। पहले चरण में पेंशन स्वीकृति प्राधिकारी (पीएसए) एचआरएमएस एग्जिट मैनेजमेंट माड्यूल के जरिए तैयार डिजिटल हस्ताक्षरित पेंशन दस्तावेज और कर्मचारियों की ई-सर्विस बुक को मिडिलवेयर सर्वर के माध्यम से महालेखाकार कार्यालय के पीएसएआई पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
शुरुआती दौर में पेंशन दस्तावेजों की भौतिक प्रतियां भी जमा करनी होंगी। हालांकि, आनलाइन व्यवस्था पूरी तरह लागू होने और स्थिर होने के बाद हार्ड कापी जमा करने की आवश्यकता खत्म कर दी जाएगी।
इसके बाद महालेखाकार कार्यालय इलेक्ट्रानिक पेंशन भुगतान आदेश (ई-पीपीओ), ग्रेच्युटी भुगतान आदेश (जीपीओ) और कम्यूटेशन भुगतान आदेश (सीपीओ) समेत भुगतान प्राधिकरण तैयार कर उन्हें डिजिटल माध्यम से डब्ल्यूबीआइएफएमएस को भेजेगा। सभी भुगतान प्राधिकारियों को ऐसे डिजिटल हस्ताक्षरित भुगतान आदेश स्वीकार करने का निर्देश दिया गया है।
राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य पेंशन निपटान की प्रक्रिया को सुगम, पारदर्शी और पूरी तरह पेपरलेस बनाना है। डब्ल्यूबीआइएफएमएस और महालेखाकार कार्यालय के पोर्टल के बीच डिजिटल एकीकरण से पेंशन प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होने और सेवानिवृत्ति लाभों के निपटान में तेजी आने की उम्मीद है।
वित्त विभाग ने सरकारी कार्यालयों में नई व्यवस्था लागू करने के लिए डब्ल्यूबीआइएफएमएस पोर्टल के माध्यम से विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। सरकार के अनुसार, यह पहल डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने की व्यापक योजना का हिस्सा है। व्यवस्था पूरी तरह सुचारु होने के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन संबंधी लाभों में प्रक्रियागत देरी कम होगी और भौतिक कागजात जमा करने की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी।