इन्दु तपेश्वर सिंह महिला महाविद्यालय, बिक्रमगंज के सभागार में मंगलवार को हिंदी महोत्सव समारोह हुआ। इसमें कॉलेज के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं ने जोश के साथ हिस्सा लिया। वक्ताओं ने हिंदी को आम लोगों की भाषा बताया। उन्होंने इसके विकास, विस्तार और
समारोह की अध्यक्षता प्रधानाचार्य डॉ. बिनोद कुमार सिंह ने की। हिंदी विभाग की अध्यक्ष और राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. पुष्पा कुमारी इसकी संयोजक थीं, जबकि मंच का संचालन डॉ. रवीन्द्र कुमार ने किया।
मुख्य वक्ता कॉलेज के उपप्राचार्य डॉ. उमेश्वर प्रसाद सिंह थे। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी भावनाओं और विचारों को आसानी से बताने वाली भाषा है। उन्होंने जोर दिया कि बोलचाल और लिखने में हिंदी का ज्यादा इस्तेमाल करके हम इसके विकास और फैलाव में बड़ा योगदान दे सकते हैं।
डॉ. शान्ति प्रकाश सिंह, डॉ. विपिन बिहारी सिंह, डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. चितरंजन राय, प्रो. जगदीश शर्मा, डॉ. अरविन्द पाण्डेय और डॉ. इफ्तार अहमद ने भी समारोह को संबोधित किया। इन सभी ने हिंदी के विकास और विस्तार पर अपने विचार रखे। छात्राओं में निधि कुमारी और पायल कुमारी ने भी हिंदी भाषा के महत्व पर अपनी बात रखी।
अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रधानाचार्य डॉ. बिनोद कुमार सिंह ने हिंदी के जन्म, विकास, विस्तार और इतिहास के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि हिंदी सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं है। यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को जोड़ने वाली एक अहम कड़ी है। उन्होंने सभी से इसके संरक्षण और बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाने को कहा।
इस मौके पर प्रो. तिरलोकी सिंह, प्रो. तेज नारायण सिंह, प्रो. अमरेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. संतोष कुमार, प्रो. अमन कुमार, रामाकान्त सिंह, किसलय सिंह, अजय कुमार समेत कॉलेज के सभी शिक्षक, कर्मचारी और छात्राएं मौजूद थे। कार्यक्रम के आखिर में परीक्षा नियंत्रक डॉ. हरेन्द्र कुमार सिंह ने धन्यवाद दिया। उन्होंने हिंदी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी उपस्थित लोगों का आभार जताया।
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