जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा सीट पर इतिहास रच दिया है। भाजपा का 30 साल पुराना अभेद्य गढ़ महज 30 दिनों में धूल में मिल गया। प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को करीब 19 हजार वोटों से करारी शिकस्त दी। जीत के बाद उन्होंने साफ संदेश दिया कि यह सिर्फ उपचुनाव नहीं, बल्कि भाजपा नेतृत्व के खिलाफ जनता का फैसला है। दूसरी ओर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने महज चार महीने में ही तृणमूल कांग्रेस से किनारा कर लिया। निजी कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने तुरंत प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। पढ़ें शाम की बड़ी खबरें…
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 63,203 वोट मिले। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 18,963 वोटों के अंतर से हराया। नीरज कुमार को 44,250 वोट हासिल हुए। तीसरे स्थान पर राजद की रेखा कुमारी रहीं, जिन्हें 14,085 वोट मिले। वे प्रशांत किशोर से 49,118 वोट पीछे रहीं। प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा का 30 साल पुराना गढ़ महज 30 दिनों में ढह गया। उन्होंने दावा किया कि यह उपचुनाव गली-नाली के मुद्दों पर नहीं लड़ा गया, बल्कि जनता ने भाजपा नेतृत्व को स्पष्ट संदेश दिया है कि बिहार में सम्राट चौधरी की जगह किसी अन्य व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाए। पढ़ें पूरी खबर…
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिवार के सदस्य और पूर्व भाजपा नेता चंद्र कुमार बोस ने निजी कारणों का हवाला देते हुए तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। महज चार महीने पहले ममता बनर्जी की पार्टी में शामिल हुए बोस का यह फैसला टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सोमवार को जारी अपने आधिकारिक इस्तीफा पत्र में बोस ने लिखा है कि मैं निजी कारणों से तुरंत प्रभाव से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। उन्होंने किसी राजनीतिक मतभेद या आंतरिक विवाद का जिक्र नहीं किया। टीएमसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पढ़ें पूरी खबर…
दतिया विधानसभा उपचुनाव का परिणाम घोषित हो गया है। 15 राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,056 वोटों से हराया। घनश्याम सिंह शुरू से ही बढ़त बनाए हुए थे। परिणाम आने के बाद आशुतोष तिवारी ने कहा कि मेरे लिए विधायक या सांसद बनना महत्वपूर्ण नहीं है। चुनाव महत्व नहीं रखता। अगर भीतरघात हुआ है तो भीतरघातियों से मेरा कहना है कि जो भारतीय जनता पार्टी को मां कहते हैं और फिर मां के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं, उन्हें भावनात्मक रूप से भी सोचना चाहिए। बीजेपी एक अलग तरह की पार्टी है। इसमें काम करने वाले सबकी सेवा के लिए रहते हैं। पढ़ें पूरी खबर…
रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण मामले में मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने सोमवार को रोक को बरकरार रखा है। कोर्ट ने साफ कहा कि जब तक मामला विचाराधीन रहेगा, ध्वस्तीकरण की कोई कार्रवाई नहीं होगी। अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी। इस फैसले से आजम खान समर्थकों को राहत मिली है। मामले में रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने 28 जून को नोटिस जारी कर 38 भवनों के स्वीकृत नक्शे मांगे थे। विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष सुनने के बाद आरडीए उपाध्यक्ष ने इन्हें अवैध बताते हुए ध्वस्त करने का आदेश दिया था। प्रबंधन ने इस आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की थी, जिस पर मंडलायुक्त कोर्ट ने पहले भी अंतरिम रोक लगा रखी थी। पढ़ें पूरी खबर…
सनी लियोनी के लिए हिंदी सिनेमा में जगह बनाना आसान नहीं था। भारत आने से पहले वे एडल्ट इंडस्ट्री की जानी-मानी शख्सियत थीं। महेश भट्ट ने ‘द रश्मि विराग शो’ में बताया कि 2003 में ‘जिस्म’ की सफलता के बाद पूजा भट्ट इसका सीक्वल बनाना चाहती थीं। उन्होंने बिना किसी कलाकार को फाइनल किए पोस्टर जारी कर प्रमोशन शुरू कर दिया था। पोस्टर वायरल होने के बाद कास्टिंग का दबाव बढ़ गया। उसी दौरान बिग बॉस 5 में सनी लियोनी की वाइल्ड कार्ड एंट्री हुई। एक एडल्ट स्टार की टीवी पर एंट्री से देशभर में बवाल मच गया था। महेश भट्ट ने कहा कि लोग एडल्ट स्टार को पत्नी बनते नहीं देखना चाहते थे। पढ़ें पूरी खबर…
देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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