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बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं. इस बीच चुनाव आयोग ने राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा चुनाव और देशभर में सात विधानसभा उपचुनावों के लिए कुल 470 अधिकारियों को ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया है.
470 अधिकारियों की तैनाती
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इन 470 अधिकारियों में 320 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), 60 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और 90 अन्य सेवाओं के अधिकारी शामिल हैं. इन्हें जनरल ऑब्जर्वर, पुलिस ऑब्जर्वर और व्यय ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया जाएगा. ये अधिकारी चुनाव प्रक्रिया के दौरान आयोग की ‘आंख और कान’ बनकर काम करेंगे और किसी भी गड़बड़ी या आचार संहिता उल्लंघन की निगरानी करेंगे.
आयोग ने बताया कि इन सभी अधिकारियों की 3 अक्टूबर को दिल्ली में ब्रीफिंग होगी. इस दौरान उन्हें चुनावी प्रक्रिया, आचार संहिता और चुनाव संबंधी कानूनों की जानकारी दी जाएगी. ब्रीफिंग के अगले ही दिन यानी 4 अक्टूबर को चुनाव आयोग की टीम बिहार का दौरा करेगी और वहां की चुनावी तैयारियों का जायजा लेगी.
22 नवंबर को समाप्त होगा विधानसभा का कार्यकाल
मौजूदा बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है. ऐसे में चुनाव इसी साल नवंबर में कराए जाने की संभावना है. राज्य में चुनावी हलचल तेज हो गई है और सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियां बनाने में जुट गए हैं.
चुनाव आयोग के इस फैसले को पारदर्शी चुनाव कराने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. इससे न केवल राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों पर आचार संहिता का पालन सुनिश्चित होगा बल्कि मतदाताओं का भरोसा भी बढ़ेगा.
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