बुमराह की आग और संजू-ईशान के तूफान में उड़ा इंग्लैंड: कानपुर में फैंस बोले-अब कीवियों से हिसाब चुकता करने क… – Dainik Bhaskar

भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल की सबसे बड़ी राइवलरी का अंत टीम इंडिया की 7 रनों से ऐतिहासिक जीत के साथ हुआ। मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों ने जो तेवर दिखाए, उसने अंग्रेजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। इस करारी शिकस्त के साथ ही भारत ने शान से फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। जीत की खबर आते ही पूरे देश में जश्न का माहौल है, सड़कों पर तिरंगा लहरा रहा है और प्रशंसक होली-दिवाली एक साथ मना रहे हैं।
253 रनों का पहाड़ और संजू-ईशान का तूफान
मैच की शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों ने अपने इरादे साफ कर दिए थे। संजू सैमसन, ईशान किशन और हार्दिक पांड्या की त्रिमूर्ति ने मैदान के चारों ओर चौकों-छक्कों की बरसात कर दी। निर्धारित ओवरों में भारत ने 253 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा किया। अंत में हार्दिक पांड्या की विस्फोटक पारी ने स्कोर को उस ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया, जहां से इंग्लैंड की वापसी लगभग नामुमकिन लग रही थी।
बुमराह ने दिखाया घर का रास्ता:
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम एक समय मजबूत स्थिति में दिख रही थी। चौथे विकेट के लिए एक बड़ी पार्टनरशिप हुई और इंग्लैंड के बल्लेबाज जैकब बेथेल ने शानदार सेंचुरी जड़कर मैच को रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया। लेकिन फिर शुरू हुआ जसप्रीत बुमराह का कहर। बुमराह ने अपने दो निर्णायक ओवरों में मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया। भारतीय टीम के प्रशंसक ज्ञानेश मिश्रा कहते हैं, “जब अंग्रेज जीत के करीब थे, तब बुमराह ने उन्हें वापस घर का रास्ता दिखा दिया।”
फील्डिंग में दिखा दम: वरुण और अक्षर के जादुई कैच
सिर्फ गेंदबाजी और बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि मैदान पर भारतीय खिलाड़ी चीते की तरह फुर्तीले नजर आए। वरुण चक्रवर्ती के दो विकटो ने जहाँ मैच की दिशा बदल दी। वहीं, अक्षर पटेल ने भी दो महत्वपूर्ण कैच लपके, जिसने इंग्लैंड की कमर तोड़ दी। युवा प्रशंसकों का मानना है, कि सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में यह एक बेहतरीन ‘टीम परफॉरमेंस’ थी, जहां हर खिलाड़ी ने अपना शत-प्रतिशत योगदान दिया।
तस्वीरें देखिए…
प्रशंसक बोले: ‘जन्म देवकी ने दिया, पालन यशोदा ने किया’ जीत के बाद प्रशंसकों की प्रतिक्रियाएं भी दिलचस्प रहीं। कृष्ण कुमार गुप्ता ने क्रिकेट की तुलना भगवान कृष्ण से करते हुए कहा, “इंग्लैंड को क्रिकेट का जनक (देवकी) माना जाता है, लेकिन भारत इसका पालन-पोषण करने वाला (यशोदा) है। आज हमने बता दिया कि असली चैंपियन कौन है।” वहीं, बृजमोहन मिश्रा ने कहा कि,253 रनों का लक्ष्य हासिल करना इंग्लैंड के बस की बात नहीं थी। अब पूरे हिंदुस्तान को उम्मीद है, कि टीम इंडिया इसी तरह का प्रदर्शन फाइनल में भी जारी रखेगी और वर्ल्ड कप की ट्रॉफी घर लेकर आएगी।
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