बेतिया। डीएम तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। नो-मेन्स लैंड पर अतिक्रमण, फर्जी आधार कार्ड से संबंधित मामलों की रोकथाम, भारतीय नागरिकता एवं दोहरी नागरिकता के प्रकरण, वाइब्रेंट विलेजे प्रोग्राम, जाली भारतीय मुद्रा की तस्करी, साइबर फ्रॉड एवं अवैध दूरसंचार गतिविधियां, म्यूल अकाउंट एवं संदिग्ध बैंक खातों की निगरानी, भारत-नेपाल सीमा पर स्थित क्षतिग्रस्त सीमा स्तंभों की मरम्मत, गायब एवं छूटे हुए सीमा स्तंभों के पुनर्स्थापन, संदिग्ध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच तथा आर्थिक एवं वित्तीय गतिविधियों की निगरानी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मौके पर एसएसपी कुमार गौतम समेत जिले के अधिकांश वरीय अधिकारी मौजूद थे。
डीएम तरनजोत सिंह ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा, सतर्कता एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि, तस्करी, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग, जाली भारतीय मुद्रा, साइबर अपराध तथा अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ सक्रिय एवं सतत कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सीमा से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जाए तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो।ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। साथ ही वाइब्रेंट विलेजे प्रोग्राम के तहत सीमा से सटे गांवों में विकास कार्यों को गति देने व सरकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुँचाएं।
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