तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ब्रिटेन का दौरा पूरा कर लौटे, जहां से राज्य को 15300 करोड़ रुपये के …और पढ़ें
एमके स्टालिन और सीएम विजय।
मुख्यमंत्री विजय के ब्रिटेन दौरे से 15300 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले।
सम्वर्धना मदरसन ने तमिलनाडु में 11000 करोड़ रुपये निवेश की प्रतिबद्धता जताई।
विपक्ष ने सीएम के दौरे को “दिखावा” और “प्लेजर ट्रिप” बताया।
डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय अपना एक हफ्ते का ब्रिटेन का दौरा पूरा कर चेन्नई लौट आए हैं। राज्य सरकार का दावा है कि इस विदेश दौरे से तमिलनाडु को 15300 करोड़ रुपये के बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे राज्य में 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
राज्य सरकार इस दौरे को तमिलनाडु को वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाने और 2036 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य का हिस्सा बता रही है। निवेश प्रस्ताव ऑटोमोबाइल, विनिर्माण, रिन्यूएबल एनर्जी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) से जुड़े हैं।
सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव ‘सम्वर्धना मदरसन इंटरनेशनल’ की तरफ से आया है, जिसने अपनी यूरोपीय और ब्रिटिश संयुक्त उद्यमों के साथ मिलकर तमिलनाडु में लगभग 11000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। इससे डिजाइन, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में करीब 7000 नौकरियां मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने ‘हिंदुजा ग्रुप’ के नेतृत्व से भी मुलाकात की, जिसमें उनके पुराने 2500 करोड़ रुपये के निवेश की समीक्षा और रिन्यूएबल एनर्जी व कमर्शियल व्हीकल के निर्यात को बढ़ाने पर चर्चा हुई।
इस दौरे का एक और बड़ा आकर्षण मोटरस्पोर्ट्स से जुड़ा था। सीएम विजय ने ब्रिटेन के प्रसिद्ध सिल्वरस्टोन मोटर रेसिंग सर्किट का दौरा किया और वहां की रेस कंट्रोल व सुरक्षा प्रणालियों का अध्ययन किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ‘ले मैंस कप’ रेस को हरी झंडी दिखाई, जिसमें लोकप्रिय अभिनेता और रेसर अजित कुमार ने भी हिस्सा लिया था।
इस दौरे को 3 सितंबर को विधानसभा में घोषित किए जाने वाले तमिलनाडु के ‘वल्र्ड-क्लास मोटर स्पोर्ट्स सिटी’ प्रोजेक्ट से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अजित कुमार से भी मुलाकात की और सिल्वरस्टोन के बुनियादी ढांचे पर उनके अनुभव साझा करने के लिए धन्यवाद दिया।
ब्रिटेन दौरे को लेकर तमिलनाडु की राजनीति मेंवान और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने सीएम के विदेश दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री लंदन में शूटिंग में व्यस्त हैं।
इसके अलावा एआईएडीएमके के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने इस दौरे को प्लेजर ट्रिप करार दिया और कहा कि नोएडा स्थित एक भारतीय कंपनी के निवेश को भी इसमें शामिल कर फर्जी प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय की प्राथमिकताएं राज्य की जनता के बजाय अभिनय वाली शैली जैसी हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि अभिनेता अजित कुमार और विजय की इस मुलाकात को दोनों के पुराने फिल्मी फैन-क्लेश से जोड़कर देखा जा रहा है। चूंकि अब विजय सक्रिय राजनीति (TVK) में उतर चुके हैं, इसलिए इस मुलाकात के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
दूसरी ओर पारदर्शिता और आलोचनाओं का जवाब देते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि समझौतों पर हस्ताक्षर होने से पहले विवरण साझा नहीं किया जाता ताकि बातचीत में बाधा न आए। सरकार ने इसे ‘प्रतिस्पर्धी संघवाद’ का हिस्सा बताया है, जहां राज्य वैश्विक स्तर पर निवेश आकर्षित करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, सुरक्षा कारणों से लंदन में तमिल प्रवासियों के तय कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर सीएम विजय ने खेद भी जताया।