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News On AIR | अक्टूबर 10, 2026 9:19 अपराह्न
विदेश मंत्री सुब्रहमण्यम जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग करते हुए कहा है कि भारत और अफ्रीका वैश्विक फ़ैसले लेने की प्रक्रिया में कम प्रतिनिधित्व वाले नहीं रह सकते। अदीस अबाबा में ‘अदवा विक्ट्री मेमोरियल म्यूज़ियम’ में आयोजित जनसभा में डॉ. जयशंकर ने स्थायी और अस्थायी दोनों तरह की सदस्यता में अफ्रीका के उचित प्रतिनिधित्व की मांग की। उन्होंने 2023 में G20 की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्यता दिलाने के लिए भारत के प्रयासों को याद किया।
अफ्रीका के तीन देशों की यात्रा के आखिरी चरण में, डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत अफ्रीका का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों के बीच व्यापार लगभग 100 अरब अमरीकी डॉलर तक पहुँच गया है। उन्होंने बताया कि पूरे अफ्रीका में भारत के सहयोग से साढे चार अरब डॉलर की लागत वाली 220 से ज़्यादा विकास परियोजनाएँ पूरी की जा चुकी हैं। उन्होंने भारतीय कारोबारियों से अफ्रीका महाद्वीप में निवेश करने का आग्रह किया और खाद्य सुरक्षा, कृषि तथा टिकाऊ विकास के क्षेत्रों में मज़बूत सहयोग का आह्वान किया।
वर्ष 1896 में अदवा में इटली की सेना पर इथियोपिया की जीत को याद करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि इसने उपनिवेशवाद-विरोधी संघर्षों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से भी इसका गहरा जुड़ाव रहा। विदेशमंत्री ने कहा कि 2047 के लिए भारत का विकास विज़न और अफ्रीका का ‘एजेंडा 2063’ एक-दूसरे के पूरक रास्ते प्रदान करते हैं।
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आखरी अपडेट: 10th Oct 2026