यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास वाणिज्यिक जहाज एमवी गोल्डन लियो पर हुए हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत के मामले में भारत ने शुक्रवार को रूस के उस द …और पढ़ें
भारत का रूस को जवाब, ओडेसा में निशाना बने जहाज में अनाज था, हथियार नहीं
एमवी गोल्डन लियो पर हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत, एक गंभीर रूप से घायल
विदेश मंत्रालय बोला- वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को किसी भी परिस्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास वाणिज्यिक जहाज एमवी गोल्डन लियो पर हुए हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत के मामले में भारत ने शुक्रवार को रूस के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें संकेत दिया गया था कि जहाज यूक्रेन के लिए हथियार या सैन्य सामग्री ले जा रहा था।विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जहाज में केवल अनाज का कार्गो था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि भारतीय समुद्री प्रशासन (डीजीएमए) से मिली जानकारी के अनुसार गिनी-बिसाउ में पंजीकृत एमवी गोल्डन लियो ने 19 जुलाई को रवाना होने से पहले अनाज लोड किया था।
उन्होंने दोहराया कि वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को किसी भी परिस्थिति में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
19 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह से रवाना होते समय हुए इस हमले में जहाज पर सवार 17 क्रू सदस्यों में से चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती है। यूक्रेन ने इस हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है।
घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास के एक वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी मनीला में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात के दौरान यह मुद्दा उठाया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा और समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही के पक्ष में है तथा पीड़ित परिवारों की सहायता और मृतकों के शव स्वदेश लाने की प्रक्रिया में जुटा है।