भास्कर न्यूज| रक्सौल
नेपाल में भारत का विरोध कर ही राष्ट्रवादी बनने की राजनीतिक परिपाटी अब धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। वर्तमान बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार भारत कार्ड या चीन कार्ड की राजनीति में विश्वास नहीं करती। यह बातें पर्सा निर्वाचन क्षेत्र संख्या-1 के प्रतिनिधि सभा सदस्य एवं राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी पर्सा के सभापति हरि पंत ने कहीं। वह रविवार शाम वीरगंज स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास की ओर से आयोजित भारतीय राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष सांस्कृतिक समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व दीप जलाकर भारतीय महावाणिज्यदूत डीएस मीना, सांसद हरि पंत एवं कलाकार विजया भारती ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। सांसद हरि पंत ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत का विरोध करने के आधार पर खुद को या अपनी पार्टी को राष्ट्रवादी साबित करने की प्रवृत्ति अब धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। सांसद पंत ने कहा कि नेपाल की विदेश नीति के अनुरूप नेपाली भूमि का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा। इस मुद्दे पर रास्वपा और वर्तमान सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने भारत और नेपाल के संबंधों को सामान्य पड़ोसी देशों के रिश्ते से अलग बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और विशिष्ट संबंध हैं। नेपाल हमेशा भारत के साथ अपने रिश्तों को विशेष महत्व देता रहा है। उन्होंने कहा कि दशहरा, दीपावली, छठ और होली जैसे साझा त्योहार, धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराएं और पारिवारिक संबंध दोनों देशों के बीच आत्मीयता को मजबूत करते हैं। साझा सभ्यता और परंपराएं भारत-नेपाल संबंधों को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। समारोह की अध्यक्षता भारतीय महावाणिज्यदूत देवी सहाय मीणा ने की। इस दौरान भारतीय राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला गया। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद नई दिल्ली की ओर से पहुंचीं लोकगायिका विजया भारती के नेतृत्व में आए सांस्कृतिक दल ने विभिन्न सांगीतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया गया।
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