अपडेटेड 30 August 2025 at 21:53 IST
Tariff on India: भारत पर अमेरिका ने 50 फीसदी का टैरिफ लागू कर दिया है। इसमें 1 अगस्त 2025 से 25 फीसदी टैरिफ और अब 27 अगस्त से अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ शामिल है। इस टैरिफ का प्रभाव भारत के उन सामानों पर पड़ने लगा है, जिसका निर्यात अमेरिका में होता है। इनमें सबसे अधिक प्रभावित सेक्टरों और सामानों में झींगा, टेक्सटाइल क्षेत्र, ज्वैलरी, कारपेट, ऑटो पार्ट्स आदि क्षेत्र शामिल हैं। इनपर टैरिफ लगाने के बाद निर्यात शुल्क 50 फीसदी से भी अधिक हो गए हैं।
इस बीच ट्रंप के इस 50 फीसदी टैरिफ पर भारत के बड़े उद्योगपतियों की प्रतिक्रिया आईं हैं। इन प्रतिक्रियाओं को देश के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर शेयर किया है। आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने कहा कि भारत किसी के सामने नहीं झुकता। उन्होंने कहा, “आप हमारे निर्यात पर शुल्क लगा सकते हैं, लेकिन हमारी संप्रभुता पर नहीं। आप अपने टैरिफ बढ़ाएं – हम अपना संकल्प बढ़ाएंगे, बेहतर विकल्प खोजेंगे और आत्मनिर्भरता का निर्माण करेंगे। भारत किसी के सामने नहीं झुकता।”
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रेसिडेंट आर. सी. भार्गव ने भी टैरिफ पर अपनी बात कही है।
उन्होंने कहा है कि भारतीय होने के नाते यह हमारा कर्तव्य है कि हम सरकार का समर्थन करने और अपनी गरिमा और सम्मान बनाए रखें। इस मामले में किसी भी प्रकार की धमकियों के आगे न झुकें। इस समय देश को एकजुट होना होगा।
वहीं, वेदांता के ईएसएल स्टील लिमिटेड के डिप्टी सीईओ रवीश शर्मा का कहना है कि भारत का घरेलू बाजार किसी भी अधिशेष को अवशोषित करने के लिए अच्छी स्थिति में है, जो आत्मनिर्भर भारत, राष्ट्रीय इस्पात नीति और विभिन्न सक्रिय सरकारी उपायों जैसी पहलों द्वारा समर्थित है।
अपग्रैड के प्रेसिडेंट और को फाउंडर रोनी स्क्रूवाला ने कहा है कि अमेरिका एक मौकापरस्त देश है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय उद्यमियों को व्यापारिक तनाव में घरेलू बाजारों को सशक्त करने और विदेशी निर्भरता को कम करने के अवसर के रूप में देखना चाहिए। हमें उद्यमशीलता को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
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Published By : Amit Dubey
पब्लिश्ड 30 August 2025 at 21:52 IST