भारत की हार तो पाकिस्तान की जीत, एक ही दिन में कहीं खुशी तो कहीं गम, WI-पाक के कप्तान चमके – Hindustan

9 अक्टूबर, शुक्रवार को एक तरफ भारत और वेस्टइंडीज की टीमें टी-20 मैच में रांची में आमने- सामने थीं, तो दूसरी ओर पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच भी रावलपिंडी में मुकाबला चल रहा था। दोनों ही टीमें लगभग एक ही समय पर मैदान पर थीं और मैचों का रिजल्ट भी लगभग आधे घंटे के अंतराल पर ही आए। दिलचस्प बात यह रही कि क्रिकेट में कल के दिन भारत ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और उसे वेस्टइंडीज की टीम ने 250 रनों का लक्ष्य हासिल करते हुए 6 विकेट से शिकस्त दे दी। वहीं, पाकिस्तान ने अपनी सरजमीं पर श्रीलंका को 4 विकेट से हरा दिया। इन दोनों मुकाबलों में विजेता टीमों के कप्तानों ने शानदार प्रदर्शन किया। एक तरफ वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने शतकीय पारी खेली, वहीं पाकिस्तान के नए बने कप्तान साहिबजादा फरहान ने 89 रन बनाते हुए मैच को अपनी ओर करने में अहम भूमिका निभाई। ये दोनों कप्तान 9 अक्टूबर के दिन अपने प्रदर्शन से चमकते हुए नजर आए।

सबसे पहले बात भारत बनाम वेस्टइंडीज पांच मैचों की सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले की की। इस मैच में वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने बोर्ड ने 249 रन निर्धारित 20 ओवर में लगा दिए और 250 रनों का लक्ष्य रखा। भारत की ओर से संजू सैमसन ने 41 गेंदों में 82 रनों का पारी खेली। ईशान किशन ने 22 गेंदों में 42 रन, श्रेयस अय्यर ने 18 गेंदों में 40 रन, तिलक वर्मा ने 18 गेंदों में 44 रन बनाए। अभिषेक शर्मा के बल्ले से 12 गेदों में 20 रन बने। शिवम दुबे ने 10 गेंदों में 7 रनों का योगदान दिया। इन सभी के स्कोर की मदद से भारतीय टीम ने 250 रनों का विशालकाय लक्ष्य तो दिया लेकिन टीम इंडिया की गेंदबाजी इतनी लचर रही कि वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने ऐतिहासिक रच चेज कर दिया। 9 गेंदें शेष रहते हुए वेस्टइंडीज ने 250 रनों के लक्ष्य का 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

भारत की ओर से मयंक यादव ने 3 और कुलदीप यादव ने एक विकेट लिया। अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, शिवम दुबे, नमन धीर, अर्शदीप सिंह सभी गेंदबाजों की पिटाई हुई। मयंक यादव ने शानदार गेंदबाजी की। वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने 45 गेंदों में 102 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 9 छक्के जड़े। शेरफेन रदरफोर्ड की तारीफ करनी पड़ेगी जिन्होंने 37 गेंदों में 84 रन 7 चौके और 7 छक्कों की मदद से बनाए। रोमारियो शेफर्ड ने अंत में 13 गेंदों में 34 रन बनाकर अपनी पावर हिटिंग का परिचय दिया। रोवमैन पॉवेल ने भी 13 गेंदों में 24 रन बनाए। इन चारों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया कर दिया।

उधर रावलपिंडी में खेले गए श्रीलंका बनाम पाकिस्तान तीन मैचों की सीरीज के पहले टी-20 मैच की बात करें तो श्रीलंका के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। श्रीलंका ने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 182 रन बनाए। 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम ने इसे 7 गेंदें शेष रहते 18.5 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया। पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फरहान ने इस मैच में 53 गेंदों में 89 रन बनाए। अपनी इस पारी में उन्होंने 10 चौके और चार छक्के जडे। 167 से अधिक की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान के कप्तान ने संयम और आक्रमण दोनों का परिचय दिया। फखर जमान ने 13 गेंदों में 21 रनों की पारी खेली। माज सदाकत ने 29 गेंदों में 50 रन बनाए और पाकिस्तान की जीत में अहम भूमिका निभाई। इन सभी बल्लेबाजों की मदद से पाक टीम ने श्रीलंका को चार विकेट से हरा दिया।

भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमें अपनी- अपनी सरजमीं पर विपक्षी टीमों के खिलाफ टी-20 मैच खेल रही थीं। इस दौरान पाकिस्तान को तीन मैचों की टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में जीत मिली है तो निश्चित तौर पर मुल्क के क्रिकेट प्रशंसकों में खुशी का माहौल होगा। वहीं, भारत वेस्टइंडीज से इतना विशाल स्कोर बनाने के बाद भी हार गया तो भारतीय प्रशंसकों में निराशा और गम का भाव होगा। भारत को पांच टी-20 मैचों की रीरीज में दूसरे में हार मिली है। ऐसे में सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। पाकिस्तान श्रीलंका से तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है।

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।
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