Edited by: Vineet Sharan | Updated: Aug 5, 2026, 5:44 PM
Indian Rivers: हमारी नदियों में रेत खत्म हो रही है. नए अध्ययन में ये चेतावनी दी गई है. वैज्ञानिकों ने 1974 से अब तक हुई 411 स्टडीज की एक बड़ी समीक्षा पब्लिश की है. इससे पता चला है कि दुनिया भर की नदियों में रेत की खुदाई के चलते नदी की तलछट से रेत तेजी से कम हो रही है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि धरती के प्राकृतिक चक्र उसे उतनी तेजी से दोबारा नहीं बना पा रहे हैं.
साइंस अलर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में, इंडस्ट्रियल सैंड माइनिंग (रेत की खुदाई) से नदी की तलछट (sediment) से रेत निकाली जा रही है. कंक्रीट जैसी कंस्ट्रक्शन सामग्री बनाने के लिए नदी की रेत और बजरी की पूरी दुनियामें डिमांड है. यही नदी से रेत कम होने का बड़ा कारण है.
मेकांग डेल्टा इसका एक बड़ा उदाहरण है. यह नदी कंबोडिया और लाओस से गुज़रने के बाद वियतनाम के दक्षिणी सिरे पर फैलती है. वहां, क्रेन लगी एक बड़ी नाव सिर्फ तीन घंटे में 300 क्यूबिक मीटर रेत निकाल सकती है. मेकांग के वियतनामी हिस्से में, नदी के किनारे कटने (erosion) के कारण 2018 और 2020 के बीच 1,800 से ज़्यादा घर ढह गए. जानकारों का कहना है कि अगर वियतनाम की मेकांग नदी में रेत निकालने का मौजूदा सिलसिला जारी रहा, तो 2035 तक वहां रेत बिल्कुल नहीं बचेगी.
भारत की कई नदियों का भी यही हाल हुआ है, जिनमें मयूराक्षी, कोल्लिदम, सुवर्णरेखा और अजय नदियां शामिल हैं. रेत निकालने की वजह से ब्राज़ील की पराना और टोकांटिन्स नदियों में भी काफ़ी बदलाव आए हैं. ये नदियां अमेज़न बेसिन का हिस्सा हैं. चीन के किंगदाओ में नदी की रेत निकाली जा रही है.
वियतनाम में, रेत निकालने की मौजूदा दर प्राकृतिक रूप से तलछट के बनने की दर (जो लगभग 6.18 मेगाटन प्रति वर्ष है) से लगभग 11.8 गुना ज्यादा है. यह रिसर्च 'Reviews of Geophysics' में प्रकाशित हुई है.
सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (NTU) के हाइड्रोलॉजिस्ट और स्टडी के लेखक डुंग डुक ट्रान ने बताया, 2015 और 2022 के बीच, वियतनाम में लगभग 366 मिलियन क्यूबिक मीटर रेत निकाली गई. इससे तलछट की भारी कमी हुई, जिसके परिणामस्वरूप नदी की तलहटी कुल मिलाकर औसतन 0.48 मीटर (या 0.053 मीटर प्रति वर्ष) नीचे धंस गई. उस दौरान नदी की तलहटी की गहराई लगभग आधा मीटर कम हो गई. पानी की सतह पर यह बड़ा अंतर नहीं लग सकता है, लेकिन इतने बदलाव से पानी के बहाव, नदी सिस्टम की सेहत और दोनों तरफ के किनारों की बनावट पर गंभीर असर पड़ सकता है. (photo credit, AI, for representation only)
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