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जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बलदेवसिंह का परिवार तथा गांव के लोेग एवं परिचित दोपहर 12 बजे के करीब पहुंचे। ये सभी लोग पहले एसपी ऑफिस गए लेकिन शनिवार को अवकाश के कारण ऑफिस बंद था। जिला अस्पताल में मृतक की पत्नी प्रकाशकौर ने आरोप लगाए कि वह स्वयं पंज
शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे सादा वर्दी में आई राजस्थान पुलिस की गाड़ी में सवार लोग उसे जबरदस्ती घर से उठाकर ले गए। जाते हुए मुझे धमकी देकर गए कि बलदेव के अंतिम संस्कार की तैयारी करके रख। शाम को 6 बजे के करीब मेरे को सूचना मिली कि बलदेवसिंह की मौत हो गई है और शव जिला अस्पताल श्रीगंगानगर में है। मेरे पति को सादा वर्दी वाली पुलिस ने रास्ते में ही पीट पीटकर मार दिया। मुझे मेरे पति की मौत का इंसाफ चाहिए। भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर खखां गांव निवासी 45 वर्षीय बलदेवसिंह रायसिख की संदिग्ध हालात में मौत पर परिजनों ने डीएसटी टीम पर मारपीट कर हत्या के आरोप लगाए हैं।
मृतक के परिजन जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर दिनभर पोस्टमार्टम नहीं करवाने पर अड़े रहे। समझाइश पर माने तो मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम कर शाम चार बजे शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की 12 गाड़ियों के साथ शव को मृतक के गांव खखां स्थित घर ले जाया गया। शाम को पांच बजे के बाद अंतिम संस्कार को लेकर रवाना हुए तो परिजन फिर बिफर गए। अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया। शव को कल्याण भूमि के बाहर ही रख लिया और धरना लगा दिया।
पुलिस के अधिकारी तथा गांव एवं समाज के प्रबुद्ध लोगों की ओर से समझाइश की गई। लेकिन परिजन इंसाफ की मांग करते हुए अंतिम संस्कार से पहले दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। मृतक की पत्नी प्रकाशकौर उर्फ प्रकाशो, छोटी बेटी रीना, इकलौता बेटा गुरचरणसिंह उर्फ गोरी उर्फ गुरमीत सहित परिवार के लोगों ने डीएसटी टीम पर बलदेवसिंह की पीट पीटकर हत्या के आरोप लगाए। हालांकि लिखित में मर्ग रिपोर्ट मृतक के पिता कश्मीरसिंह की ओर से दी गई है। इसमें ऐसे कोई आरोप नहीं हैं। रायसिंहनगर एसीजेएम पवनकुमार बिश्नोई को मामले की न्यायिक जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी मौजूदगी में ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया हुई। वीडियोग्राफी भी करवाई गई।
एएसपी रघुवीर शर्मा, सीओ सिटी आईपीएस विशाल जांगिड़, सीओ ग्रामीण भूपेंद्र सोनी, एजीटीएफ इंचार्ज रामविलास बिश्नोई, सदर एसएचओ सुभाष ढिल, जवाहरनगर एसएचओ देवेंद्र राठौड़, लालगढ़ एसएचओ गुरमेलसिंह, डीएसटी सेकंड प्रभारी राजेंद्र स्वामी सहित 50 से अधिक पुलिसकर्मी जिला अस्पताल में मौजूद रहे। चार डॉक्टरों के बोर्ड से करवाया पोस्टमार्टम, परिजनों के मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज किए : एसपी डॉ अमृता दुहन की ओर से चार डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित करवाया गया। जिला अस्पताल के प्रभारी ज्यूरिस्ट एसएम बतरा, डॉ देवकांत शर्मा, सूरतगढ़ उप जिला अस्पताल से डॉ दीपेश सोनी तथा सादुलशहर सीएचसी से डॉ. मनोज सोमानी ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी की। एसीजेएम डॉ. पवनकुमार बिश्नोई ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए।
पूरे परिवार और परिचितों को डेडबॉडी का नजरी मुआयना करवाया गया। फिर सहमति लेकर पोस्टमार्टम करवाया गया। इस दौरान सरपंच अमरसिंह मान, बीजेपी के मंडल अध्यक्ष अमृतपालसिंह उर्फ बिटू, पूर्व सरपंच विमलादेवी आदि मौजिज लोगों ने परिवार से समझाइश की। मजबूर पुलिस- मृतक का बेटा हेरोइन तस्करी में वांटेड, उसे फोन करके बुलाना पड़ा :मृतक बलदेवसिंह को हिंदुमलकोट पुलिस ने 27 सितंबर को 16 ग्राम 15 मिलीग्राम हेरोइन, 21350 ड्रग मनी तथा मोटरसाइकिल सहित तस्करी केस में गिरफ्तार किया था। मामले की जांच में बलदेवसिंह ने उक्त हेरोइन अपने ही बेटे गुरचरणसिंह उर्फ गोरी उर्फ गुरमीत से लेकर सप्लाई करने जाने का कहा।
इस मामले में गोरी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 में सप्लाई का आरोपी माना हुआ है। वह बीते तीन माह से फरार था। लेकिन बलदेवसिंह की मौत के बाद शनिवार को पुलिस ने उसको फोन करके जिला अस्पताल बुलवाया ताकि वह कागजी प्रक्रिया पूरी करवा सके। वह आया और अपनी मां की ओर से लगाए आरोपों के समर्थन में पोस्टमार्टम नहीं करवाने पर भी अड़ा रहा। नशा तस्करी की थी सूचना, डीएसटी को देख भागते गिरा, अस्पताल में मौत : सीओ ग्रामीण भूपेंद्र सोनी के अनुसार प्रारंभिक तौर पर सामने आया है कि खखां गांव निवासी बलदेवसिंह रायसिख के बारे में डीएसटी प्रथम टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वह नशा तस्करी करने जा रहा है। शुक्रवार शाम को पंजाबा पुल पर डीएसटी की नाकाबंदी थी। आरोपी ने पुलिस को देखकर बाइक घुमा ली और भागने लगा। डीएसटी ने पीछा किया तो वह रास्ते में गिरा पड़ा मिला। डीएसटी टीम ने ही उसे अपनी गाड़ी से फतूही अस्पताल पहुंचाया। वहां से एंबुलेस के जरिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां बलदेवसिंह को मृत घोषित कर दिया। बलदेवसिंह की मृत्यु हृदयघात अथवा पास मौजूद नशे की ओवरडोज लेने से होने की आशंका है।
कल्याण भूमि के लिए निकले, फिर वापस लौट गए, बोले-रात हो गई, सुबह करेंगे अंतिम संस्कार : जिला अस्पताल से एंबुलेंस में शव लेकर परिजन खखां गांव पहुंचे तो शाम के पांच बजे से अधिक का समय हो गया था। पुलिस की गाड़ियां साथ ही चल रही थी। गांव में घर पहुंचे तो लोगों ने सीधे कल्याण भूमि ही चलने की सलाह दी। एंबुलेस कल्याण भूमि की ओर चल भी पड़ी। लेकिन बाहर से ही वापस लौटकर घर आ गए। अंतिम संस्कार रविवार सुबह करेंगे। सीओ ग्रामीण भूपेंद्र सोनी, लालगढ़ जाटान एसएचओ गुरमेलसिंह, हिंदुमलकोट एसएचओ हेमलता शर्मा, एजीटीएफ जिला इंचार्ज रामविलास बिश्नोई, डीएसटी सेकंड इंचार्ज राजेंद्र स्वामी सहित करीब 50 पुलिसकर्मियों का जाब्ता खखां गांव में डटा रहा।
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