दूदू के भैराना धाम में रीको के प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विरोध में साधु-संतों का धरना शुक्रवार को 17वें दिन भी जारी रहा। संतों ने तपोभूमि, गौचर भूमि और पर्यावरण की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने की बात कही है। आंदोलन को निर्णायक मोड़ देने के लि
कल महापरिक्रमा, जीवित समाधि का ऐलान इसके तहत शनिवार सुबह भैराना धाम से 21 किलोमीटर की महापरिक्रमा निकाली जाएगी। इसमें प्रदेशभर से हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। संतों ने प्रशासन के विरोध में ‘जीवित समाधि’ लेने का भी ऐलान किया है, जिसके लिए स्थान चिन्हित कर गड्ढे खोदे जा चुके हैं। संतों का कहना है कि यह आस्था और अस्तित्व की लड़ाई है, जिसके लिए वे आत्मबलिदान से भी पीछे नहीं हटेंगे।
औद्योगिक क्षेत्र से पवित्रता होगी प्रभावित आंदोलनकारियों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र बनने से क्षेत्र की पवित्रता प्रभावित होगी। इससे गौचर भूमि और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचेगा। उनका दावा है कि हजारों पेड़, जल स्रोत और बड़ी संख्या में पशु-पक्षियों पर संकट आ जाएगा।
पिछले 17 दिनों से चल रहे इस धरने को अब प्रदेशभर से समर्थन मिल रहा है। विभिन्न जिलों से लोगों के जत्थे बिचून पहुंच रहे हैं। शनिवार को प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
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