हरियाणा में भिवानी की लेडी टीचर मनीषा के मौत मामले में ग्रामीणों ने मंगलवार को पक्के मोर्चे का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि कातिल पकड़ने तक धरना देंगे। तब तक अंतिम संस्कार भी नही करेंगे।
उधर, रोहतक रेंज के IG वाई पूरण कुमार ने कहा कि केस की जांच पूरी तरह वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से हुई है। इस संवेदनशील मामले को जिम्मेदारी से लें। अफवाहें या फेक न्यूज न फैलाएं।
इससे पहले सोमवार देर रात प्रशासन से हुई मीटिंग के बाद परिवार के राजी होने की बात सामने आई थी। जिसके बाद पिता संजय का भी वीडियो सामने आया कि प्रशासन ने धरना कमेटी के जरिए मुझ पर दबाव बनाकर अंतिम संस्कार के लिए सहमति ली। मेरी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती।
सुबह इसका खुलासा होने पर भिवानी में ग्रामीणों की पंचायत हुई। उन्होंने इंसाफ मिलने तक मनीषा का अंतिम संस्कार न करने के लिए कहा। इसके लिए पिता संजय को भी समझाया कि पूरा गांव उनके साथ है। किसी के दबाव में न आएं।
भारी संख्या में ग्रामीणों ने गांव ढाणी लक्ष्मण को जाता रास्ता रोक दिया है। युवाओं के साथ महिलाएं भी गांव के एंट्री पॉइंट पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की CBI से जांच करवाई जाए।
मनीषा की डेडबॉडी अभी भिवानी के सिविल अस्पताल में ही रखी हुई है। वहीं एहतियात के तौर पर गांव का स्कूल भी बंद रखा गया है।
माहौल को देखते हुए सरकार ने भिवानी और चरखी दादरी में इंटरनेट बंद कर दिया है। दोनों जिलों में 19 अगस्त यानी आज सुबह 11 बजे से 21 अगस्त की सुबह 11 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा।
प्रदेश गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देते हुए आदेश दिया कि ब्रॉडबैंड और लीजलाइन को छोड़ सभी तरह से इंटरनेट सर्विस और बल्क SMS बंद रहेंगे। इसके अलावा दूसरे जिलों से भी भिवानी में पुलिस फोर्स मंगाई गई है। पानीपत से 108 कर्मचारियों की कंपनी भिवानी भेजी गई।
मनीषा 11 अगस्त को घर से स्कूल के लिए निकली थी। 13 अगस्त को उसकी खेत में लाश मिली थी।
गांव में जुटी ग्रामीणों की भीड़ के PHOTOS…
पिता ने कहा- प्रशासन ने कमेटी और कमेटी ने मुझ पर दबाव डालकर सहमति ली वहीं, सोमवार देर रात हुई मीटिंग के बाद पिता संजय ने कहा था कि वह पुलिस जांच से संतुष्ट हैं और आज यानी मंगलवार को अंतिम संस्कार कर देंगे। अब उनका एक नया वीडियो सामने आया है। जिसमें वह कह रहे हैं कि मेरी बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती। मुझे उस पर इतना विश्वास है। प्रशासन कह रहा है कि उसने आत्महत्या की है। मैं इसको नहीं मानता। मुझे न्याय चाहिए।
पिता संजय ने आगे कहा-
प्रशासन ने कमेटी को दबाया, फिर कमेटी ने मुझ पर दबाव डाला। मैं लोगों से यही अपील करना चाहता हूं कि मेरी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए जितना भी हो सके, सहयोग करें।
इस मामले से जुड़े बड़े अपडेट्स…
ग्राउंड रिपोर्ट: मनीषा के घर से निकलने-लाश मिलने तक की कहानी:अंतिम बार कुछ कहना चाहती थी
इस मामले की पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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