महोबा में मर्यादा तार-तार: सपा सांसद ने PM मोदी के लिए कहे अपशब्द, भड़के CM योगी, रवि किशन ने खोला मोर्चा – AajTak

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उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में सोमवार को समाजवादी पार्टी का विरोध प्रदर्शन उस समय विवादों के केंद्र में आ गया, जब हमीरपुर-महोबा लोकसभा सीट से सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अत्यंत अमर्यादित और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया. राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपने पहुंचे सांसद के इस आचरण का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
दरअसल, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बिजली कटौती, स्मार्ट मीटर और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर महोबा कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर रहे थे. सांसद अजेंद्र सिंह लोधी और जिलाध्यक्ष शोभा लाल यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे.
मीडिया से बातचीत में फिसली जुबान
ज्ञापन सौंपने के बाद जब सांसद पत्रकारों से मुखातिब हुए, तो उन्होंने प्रधानमंत्री के विदेशी दौरों और नीतियों पर सवाल उठाते हुए गालियों और अपशब्दों का प्रयोग किया.
सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी का बयान, “हम लोग PDA के साथ हैं और वर्तमान सरकार के विरोधी हैं. वर्तमान सरकार आम जनता की जितनी अनदेखी कर रही है, उतना किसी सरकार ने नहीं किया. जैसे कि ये स्मार्ट मीटर हैं- चाहे बिजली रहे या न रहे, मीटर बराबर चलते रहते हैं. फसल बीमा में सबसे बड़ा घोटाला हुआ है, वह आप सबको भी मालूम है. शिक्षा के क्षेत्र में सैकड़ों विद्यालय बंद कर दिए गए हैं और जो शिक्षक रिटायर हो रहे हैं, उनके स्थान पर नई भर्तियाँ भी नहीं निकाली जा रही हैं. स्वास्थ्य विभाग का हाल यह है कि कहीं दवा है तो स्टाफ नहीं, और जहाँ स्टाफ है वहाँ दवा नहीं है.
यह सरकार कहां से देश की हितैषी हुई? यह केवल अपना बजट बनाने में लगी है. जहां इन्होंने अपना 10 हजार करोड़ का बजट बना लिया है, वहीं गरीब किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय व्यापारियों का यह कहीं साथ नहीं दे रही है. यह जनता विरोधी सरकार है.
अखिलेश यादव द्वारा बंगाल चुनाव पर उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि बंगाल में तो सारी हदें पार कर दी गईं. नकली फिंगरप्रिंट्स के माध्यम से लाखों वोट खत्म कर दिए गए. फिर भी मन नहीं भरा, तो रात में EVM भी बदली गईं. जहां इन्हें लगा कि इस समाज का वोट हमें नहीं मिलना है, वहां पुलिस बल का प्रयोग किया गया. 4-5 प्रदेशों की CRPF लगाई गई ताकि भय बनाया जा सके. यह भय पैदा करने वाली सरकार है और डर के दम पर ही देश चला रही है. इसने गरीब किसानों के हित में 1% भी काम नहीं किया.
2027 के चुनाव पर उन्होंने कहा कि 27 में हमारी सरकार पूर्ण बहुमत से बनेगी. वर्तमान सरकार में दम हो तो रोक कर दिखा दे. पीडीए (PDA) इतना मजबूत हो गया है कि हम कुछ भी करने के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार बना कर रहेंगे. मोदी जी जो कुछ बोलते हैं, बहुत अच्छा बोलते हैं, जैसे पेट्रोल की खपत कम करें, सोना न खरीदें, जबकि स्वयं विदेश यात्राओं पर करोड़ों खर्च करते हैं. यह कैसा न्याय है और कैसा लोकप्रिय प्रधानमंत्री है…” इसके बाद सपा सांसद ने प्रधानमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया.  
सपा सांसद ने आगे कहा, ”यदि BJP सरकार नहीं मानेगी, तो उसे अंजाम भुगतना पड़ेगा. सपा और पूरा इंडिया गठबंधन EVM का विरोध करेगा और बैलट पेपर से चुनाव कराने के लिए हम निरंतर संघर्ष करेंगे.”
 
EVM और चुनाव पर आरोप
सांसद ने बंगाल चुनाव का हवाला देते हुए ईवीएम में धांधली और मतदाता सूची से नाम काटे जाने के गंभीर आरोप भी लगाए. उन्होंने दावा किया कि 2027 में सपा पूर्ण बहुमत से वापसी करेगी.
CM योगी की तीखी प्रतिक्रिया 
सांसद के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर आघात बताया.
CM ने ‘X’ पर लिखा, विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय जननेता आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति एक सांसद द्वारा की गई असंसदीय टिप्पणी न केवल अशोभनीय और अक्षम्य है, बल्कि भारतीय लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर भी गंभीर आघात है. यह कृत्य राजनीतिक कुसंस्कार, वैचारिक दिवालियापन और सार्वजनिक जीवन की शालीनता के प्रति अनादर को प्रकट करता है.
यह 145 करोड़ देशवासियों के जनादेश, विश्वास और भारत की लोकतांत्रिक गरिमा का भी अपमान है. देश की जनता ऐसे अमर्यादित आचरण का उत्तर समय आने पर अवश्य देगी.”
बीजेपी नेताओं के बयान
BJP हमीरपुर के अध्यक्ष कुलदीप निषाद ने सपा सांसद के बयान की घोर निंदा करते हुए कहा, “नीतियों और तथ्यों से लड़िए, लेकिन सांसद होकर ऐसी सड़क छाप भाषा का इस्तेमाल करना अक्षम्य है. जब तक वे देश से माफी नहीं मांगते और उन पर मुकदमा दर्ज नहीं होता, हमारा आंदोलन जारी रहेगा.”
सांसद रवि किशन का प्रहार
गोरखपुर सांसद रवि किशन ने इसे सपा की वास्तविक मानसिकता करार दिया. उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी 145 करोड़ देशवासियों के जनादेश का अपमान है और अजेंद्र सिंह लोधी को इसके लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए.
लोकतांत्रिक मर्यादा पर सवाल
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग भारतीय लोकतांत्रिक गरिमा पर चोट है. सोशल मीडिया पर #सपा_साँसद_अजेंद्र_लोधी_माँफी_माँगो ट्रेंड कर रहा है.
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