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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 1, 2026 at 8:11 AM IST
माघी पूर्णिमा के मौके पर आज संगम और वाराणसी में बड़ी संख्या में भक्त स्नान और दान को पहुंचे हैं. प्रयागराज में रात से ही स्नान और दान का दौर शुरू हो गया है. भक्तों की सुरक्षा के लिए यहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. आज भी बड़ी संख्या में भक्तों के स्नान का अनुमान है.
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8:13 AM, 1 Feb 2026 (IST)
काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित ऋषि द्विवेदी का कहना है कि पूर्णिमा तिथि चंद्रमा को अतिप्रिय है. पूर्णिमा तिथि के दिन चंद्रमा की पूजा करने पर मुख-सौभाग्य और अभीष्ट योग रहता है. ज्योतिषाचायों के अनुसार माप पूर्णिमा तिथि एक फरवरी को सुबह 5:19 बजे से अगले दिन दो फरवरी को भोर में 3:46 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर माघ पूर्णिमा का स्नान एक फरवरी को ही होगा. इस बार माघ पूर्णिमा खास है, क्योंकि दिन रविवार पड़ रहा है. रविवार सूर्यदेव का दिन है, शास्त्रों में सूर्यदेव को उत्तरायण को देवताओं का काल बताया गया है.माघी पूर्णिमा स्नान के लिए तीन शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. अहम मुहूर्त सुबह 5:24 से सुबह 6:17 बजे तक, रवि पुष्य योग सुबह 7:09 से रात 11:58 बजे तक और मीन लग्न मुहूर्त सुबह 8:47 से 10:15 बजे तक है.
8:12 AM, 1 Feb 2026 (IST)
ज्योतिषी ने बताया कि पूर्णिमा का वर्णन पुराणों में मिलता है. रामचरितमानस में भी इसका वर्णन है. इस महीने में कल्पवास का विधान है. सतयुग से कलयुग तक सभी युगों में माघ मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है. इस मास में श्री हरि जल में निवास करते हैं. माघ पूर्णिमा के दिन देवलोक से देवता भी पृथ्वी पर आकर पवित्र नदियों और संगम में स्नान करते हैं. इस दिन चंद्रमा पूर्ण अवस्था में होता है. मान्यता है कि सूर्योदय के समय स्नान करने से रोग और पाप दोनों से मुक्ति मिलती है, जो पूरे माघ महीने में स्नान नहीं कर पाते हैं, वह पूर्णिमा तिथि को स्वच्छ जल, सरोवर या गंगा स्नान कर सूर्यदेव को जल अर्पित कर लेते हैं तो उन्हें माय स्नान का फल मिल जाता है. उन्होंने बताया कि सात साल बाद श्रद्धालु 7 पुण्य योग में डुबकी लगाएंगे.
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