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मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल में बंद कई महिला कैदियों से जुड़े मामले एक बार फिर चर्चा में हैं. इसकी वजह सौरभ राजपूत और अमित कश्यप हत्याकांड में सुनाई गई मौत की सजा है. इन दोनों मामलों में सजा पाने वाले आरोपियों के परिजन हाई कोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं. इसी बीच जेल में बंद अंजलि, कोमल और इल्मा समेत दूसरी महिलाओं के मामले भी सामने आए हैं, जिन पर अपने पति या परिवार के अन्य सदस्यों की हत्या की साजिश रचने के आरोप हैं.
हालांकि, इन सभी मामलों में आरोपों और अदालत में साबित हुए तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है. जिन मामलों में मुकदमे की सुनवाई जारी है, उनमें आरोपियों का दोष और सजा अदालत के फैसले से ही तय होंगे.
दो मामलों में फांसी की सजा
मेरठ में सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई गई है. इसे ब्लू ड्रम मर्डर केस के नाम से भी जाना जाता है. वहीं, अमित कश्यप हत्याकांड में रविता और अमरदीप को भी सजा-ए-मौत दी गई है. दोनों मामलों में सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों के परिजन अब हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं. जेल प्रशासन के मुताबिक, संबंधित परिवारों ने अपील दाखिल करने के लिए वकील नियुक्त करने की मंशा भी जाहिर की है. इन मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया और हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई अहम होगी.
पड़ोसी के साथ मिलकर पति की हत्या
मेरठ के परीक्षितगढ़ क्षेत्र के अगवानपुर गांव की रहने वाली अंजलि नवंबर 2025 से जिला जेल में बंद है. उस पर अपने पति राहुल की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है. आरोपों के मुताबिक, अंजलि का अपने पड़ोसी अजय के साथ कथित संबंध था, जिस पर राहुल ने आपत्ति जताई थी. इसके बाद कथित तौर पर राहुल को गांव के बाहर एक मंदिर के पास बुलाया गया, जहां उसे गोली मार दी गई. इस मामले में मुकदमे की सुनवाई चल रही है और अदालत में आरोपों की जांच की जा रही है.
अंजलि तीन बच्चों की मां है. वो जेल में अपने रोजमर्रा के काम के साथ सफाई और सिलाई से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेती है. बताया गया है कि वह धार्मिक गतिविधियों में भी शामिल होती है और खाली समय में रामायण सुनती है. इसके अलावा, वह पढ़ना सीखने की कोशिश भी कर रही है. उसके परिजन उससे मिलने के लिए कभी-कभी जेल आते हैं. अंजलि के खिलाफ चल रहे मामले में अंतिम फैसला अदालत में पेश किए गए सबूतों और सुनवाई के आधार पर होगा.
BSF जवान पति की हत्या
जिला जेल में बंद दूसरी महिला कोमल पर अपने पति नैन सिंह की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. नैन सिंह सीमा सुरक्षा बल यानी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में कांस्टेबल थे. पुलिस के मुताबिक, कोमल ने अपनी बहन के मंगेतर गुलशन के साथ मिलकर कथित तौर पर पति की हत्या की योजना बनाई थी. आरोप है कि उसने पति को रास्ते से हटाने के लिए सुपारी देने के मकसद से अपने गहने गिरवी रखे और करीब 6 लाख रुपये जुटाए थे. पुलिस के अनुसार, यह घटना 4 अप्रैल को हुई थी.
इस मामले में पुलिस ने कोमल और गुलशन समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया. जेल में कोमल खाना बनाने, सिलाई और बुनाई जैसे कामों में हिस्सा लेती है. काउंसलिंग के दौरान उसके पछतावा जताने की बात भी सामने आई है. बताया जाता है कि अपने काम पूरे करने के बाद वह अक्सर चुपचाप बैठी रहती है. उसके परिवार के सदस्य भी उससे मिलने के लिए कभी-कभी जेल पहुंचते हैं.
प्रेमी के साथ मिलकर पति का कत्ल
मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र की जाकिर कॉलोनी में रहने वाले तालिब की मौत के मामले में उसकी पत्नी इल्मा को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का आरोप है कि इल्मा ने अपने कथित प्रेमी अमन और एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर तालिब की हत्या की साजिश रची थी. आरोपों के मुताबिक, 28 सितंबर की रात तालिब का दुपट्टे से गला घोंटा गया था. शुरुआत में इल्मा ने तालिब के परिवार को फोन करके बताया था कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है. इसके बाद परिजन शव को मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना क्षेत्र स्थित पैतृक गांव रसूलपुर भदरही ले गए, जहां बिना पोस्टमार्टम के शव को दफना दिया गया.
बाद में मामले में शक होने पर जिलाधिकारी के आदेश पर शव को कब्र से निकलवाया गया और पोस्टमार्टम कराया गया. शुक्रवार को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया. इसके बाद पुलिस ने इल्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. पुलिस का कहना है कि इस मामले में हत्या की साजिश से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जांच को आगे बढ़ाया गया और अब मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है.
छह साल के बेटे की हत्या
मेरठ जिला जेल में गुरप्रीत कौर भी बंद है. उस पर अपने छह साल के बेटे की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, गुरप्रीत ने अपने कथित प्रेमी अर्पित पराशर के साथ मिलकर बच्चे की हत्या की योजना बनाई थी. आरोप है कि अर्पित ने रामराज गांव में घर के बाहर से बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ लिया और फिर उसका गला रेत दिया. इस मामले में गुरप्रीत की भूमिका को लेकर पुलिस ने साजिश का आरोप लगाया है.
स्कूल संचालक पति की हत्या
जेल में बंद दामिनी पर अपने पति अतुल सिंह की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, इस मामले में स्कूल बस कंडक्टर तुषार के साथ मिलकर कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई गई थी. अतुल सिंह मेरठ के हस्तिनापुर में कृष्णा किड्स प्ले स्कूल चलाते थे. दामिनी पर लगे आरोपों की जांच और मामले की सुनवाई चल रही है. फिलहाल वह मेरठ जिला जेल में बंद है.
बताया गया है कि दामिनी अपने छह साल के बेटे को याद करके अक्सर भावुक हो जाती है. पढ़ी-लिखी होने के कारण उसने जेल की लाइब्रेरी में काम करने की इच्छा जताई थी. इसके बाद उसे लाइब्रेरी में जिम्मेदारी दी गई. जेल में उसकी दिनचर्या इसी काम के आसपास रहती है. हालांकि, उसके खिलाफ चल रहे मामले में दोष साबित होने या सजा तय होने का फैसला अदालत ही करेगी.
हाई कोर्ट में अपील का भरोसा
अमित कश्यप हत्याकांड में मौत की सजा सुनाए जाने के बाद रविता की मां मुनेश देवी सोमवार को मेरठ जिला जेल पहुंचीं. मुनेश देवी मुजफ्फरनगर जिले के तितावी थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव से अपनी बेटी से मिलने आई थीं. सजा सुनाए जाने के बाद यह पहली बार था, जब उन्होंने जेल में रविता से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान मां और बेटी दोनों भावुक हो गईं. दोनों ने करीब एक घंटे तक बातचीत की और इस दौरान रविता रो पड़ी.
मुनेश देवी ने अपनी बेटी को भरोसा दिलाया कि परिवार उसके साथ खड़ा है और ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जाएगी. मुलाकात के दौरान रविता ने अपनी मां से अपने तीन बच्चों से मिलवाने की व्यवस्था करने की गुजारिश भी की. फिलहाल उसके तीनों बच्चे अपनी दादी के पास रह रहे हैं. मां ने बेटी की इस मांग पर बेबसी जताई. परिवार की ओर से अब मामले में कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है.
साहिल शुक्ला से मिलने पहुंचा भाई
सौरभ राजपूत हत्याकांड में मौत की सजा पाने वाले साहिल शुक्ला से मिलने के लिए उसका भाई दिव्यांश भी सोमवार को मेरठ जिला जेल पहुंचा. जेल में दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई. साहिल और रविता के परिवारों ने जेल प्रशासन को लिखित रूप से बताया है कि वे वकील नियुक्त करके हाई कोर्ट में अपील दाखिल करना चाहते हैं. जेल प्रशासन के मुताबिक, रविता, अमरदीप, मुस्कान और साहिल की ओर से अपील दाखिल करने की तैयारियां की जा रही हैं. इन अपीलों के जरिए ट्रायल कोर्ट के फैसलों को चुनौती दी जाएगी.
मेरठ जिला जेल में बंद हैं 63 महिला कैदी
मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने मंगलवार को समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि रविता की मां और साहिल का भाई सोमवार को उनसे मिलने जेल पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि रविता, अमरदीप, मुस्कान और साहिल की ओर से हाई कोर्ट में अपील दाखिल करने की तैयारियां चल रही हैं. जेल प्रशासन के मुताबिक, इस समय मेरठ जिला जेल में कुल 63 महिला कैदी बंद हैं. इन सभी को महिला बैरक संख्या 12-A और 12-B में रखा गया है. अलग-अलग मामलों में बंद इन महिलाओं के मुकदमों की स्थिति और आरोपों का निर्धारण संबंधित अदालतों की कार्यवाही के आधार पर होगा.
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