केंद्रीय कैबिनेट ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम वाली तीन उप-योजनाओं का नाम बदल दिया है और दिव्यांग पेंशन नियमों में बड़े बदलाव किए हैं।
तीन उप-योजनाओं से हटाया गया इंदिरा गांधी का नाम।
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम 2031 तक जारी रहेगा।
तीन पेंशन योजनाओं से इंदिरा गांधी का नाम हटा।
दिव्यांग पेंशन में वृद्धि, पात्रता नियम भी बदले।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट की एक अहम बैठक हुई। इसमें कई सारे मुद्दों पर चर्चा की गई, कई अहम फैसले भी लिए गए। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा का विषय कुछ उपयोजनाओं के नाम का बदलाव रहा।
पूरे मामले को ऐसे समझिए कि बैठक में केंद्र ने सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए अपने फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम’ (NSAP) को अगले पांच साल यानी 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है।
हां, अब गौर करने वाली बात यह है कि इस योजना के तहत सरकार ने एक बड़ा बदलाव करते हुए इसका नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना’ कर दिया है। इसके साथ ही, इसकी तीन प्रमुख उप-योजनाओं से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम भी हटा दिया गया है।
सरकार के इस फैसले के तहत जिन तीन पुरानी उप-योजनाओं के नाम बदले गए हैं, वे इस प्रकार हैं:-
अच्छा, अब समझने वाली बात यह है कि इससे पहले पिछले साल दिसंबर में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरेगा) का नाम बदलकर ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कर दिया था। ऐसे में अब इस नई कड़ी में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी पूर्व प्रधानमंत्री का नाम हटा दिया गया है।
बता दें कि इस व्यापक सामाजिक सुरक्षा नेट के लिए सरकार ने 53428 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय परिव्यय तय किया है। इस योजना से देश के करीब 3.2 करोड़ जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इसमें मुख्य रूप से बुजुर्ग, विधवा महिलाएं और दिव्यांगजन शामिल हैं।
अब इस बात में कोई दोराय नहीं है कि केंद्र सरकार की तरफ से इस पूरी पुनरुत्थान प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव दिव्यांगजन पेंशन (PwD) को लेकर किया गया है। इस बात को ऐसे समझिए जन्म से लेकर 79 वर्ष की आयु तक के दिव्यांगों के लिए मासिक सहायता को 300 रुपये से बढ़ाकर 375 रुपये कर दिया गया है।
इसके अलावा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग दिव्यांगों के लिए यह राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 625 रुपये प्रति माह कर दी गई है। इतना ही नहीं बेंचमार्क विकलांगता की पात्रता सीमा को 80% से घटाकर 40% कर दिया गया है।
गौरतलब है कि यह संशोधन ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ के अनुरूप किया गया है। इस कानून के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि दिव्यांगों को मिलने वाली सहायता अन्य श्रेणियों की तुलना में कम से कम 25% अधिक होनी चाहिए। इस बदलाव से देश के 27.48 लाख से अधिक नए लाभार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।