हल्द्वानी। कालाढूंगी सड़क हादसे में घायल 29 लोगों को मोबाइल की रोशनी की मदद से पुलिस और स्थानीय लोगों ने गहरी खाई और झाड़ियों से सड़क तक पहुंचाया। दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि समय पर मदद मिल जाने से 27 की जिंदगी बच गई। दो की हालत अभी नाजुक बनी हुई है। जिनका ऑपरेशन करने की तैयारी की जा रही है। घटना की सूचना मेरठ स्थित मृतकों के परिवार को दे दी गई है। हादसे की सूचना मिलते ही कालाढूंगी के धमौला निवासी अजय और जैक्शन सात बजे घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन को सूचना देकर रेस्क्यू शुरू किया। रात हो जाने के कारण अंधेरे में मोबाइल और टॉर्च की रोशनी मैरिज के किया और सभी 29 लोगों को सड़क तक पहुंचने में एक घंटा लगा। ट्रैवलर चालक नईम के मुताबिक मोड़ आने से 20 मीटर पहले ही ब्रेक न आने का एहसास हुआ। बचाने के लिए डिवाइडर से टकराया मगर वह टूटकर खाई की ओर जा गिरा। जिस कारण गाड़ी पेड़ से टकराने के बाद खाई में समा गई। हादसे के बाद बच्चों और महिलाओं में चीख पुकार मच गई। रोते बिलखते बच्चों और झाड़ियों में गिरे घायलों को पुलिस और स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। कालाढूंगी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद 21 को सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा गया। जहां उनका उपचार चल रहा है。
चालक नईम के मुताबिक टेंपो ट्रैवलर में खाई में जाकर रुकने से पहले करीब 10 बार पलटी खाई। इस दौरान दो या तीन बच्चे शीशा टूटते ही बाहर छिटक गए। जबकि दो महिलाएं दब गई। जिस कारण दोनों की मौत हो गई। सभी आपस में चेहरे तहेरे रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
कालाढूंगी से दुर्घटना की सूचना मिलते ही हल्द्वानी कोतवाल विजय सिंह मेहता और थानाध्यक्ष मुखानी सुशील जोशी डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंच गए। घायलों के बारे भी उन्होंने जानकारी ली और देर रात तक वह अस्पताल में रहे। करीब 12 मृतक के घरों से दो रिश्तेदार यहां पहुंचे।
अस्पताल पहुंचे घायलों में किसी का सिर बुरी तरह फटा था तो किसी की टांग टूट चुकी थी। घायल रोटी भी लगाते हुए इमरजेंसी में गए और अपनों के बारे में चिल्लाते हुए पूछते रहे। उनके परिजनों और रेस्क्यू करने वालों ने ढांढस बंधाया।
चालक नईम भी थका हुआ नजर आया। दुर्घटना के बाद वह सुध बुध खोया हुआ था। मेरठ से 250 किमी नैनीताल और फिर वापसी में कालाढूंगी तक नईम गाड़ी चला चुका था। इस वजह से हो सकता है ब्रेक पैड घिस गए हो और गर्म हो गए हों। जिस वजह से हादसा होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक नैनीताल घूमने के बाद सभी थक चुके थे। जिस कारण वह वापसी के दौरान गाड़ी में नींद में थे। डिवाइडर से ट्रैवलर के टकराते ही सभी की नींद खुल गई और चीख पुकार मच गई। किसी को इस बात का एहसास नहीं था कि उनके साथ अचानक ऐसा क्या हो गया।
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