यहां कुछ भी स्थायी नहीं, वे सांसद हैं बच्चे नहीं…विपक्षी दलों में जारी बगावत के बीच किरेन रिजिजू की दो टूक – Live Hindustan

संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों में जारी उठापटक और सियासी हलचल के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ऐसे घटनाक्रम लोकतंत्र की स्वाभाविक प्रक्रिया हैं और इन्हें किसी भी तरीके से रोका नहीं जा सकता। न्यूज18 इंडिया के एक कार्यक्रम में बोलते हुए रिजिजू ने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधि पूर्ण स्वतंत्र हैं और वे अपने राजनीतिक विकल्पों का फैसला अपनी मर्जी से ले सकते हैं। किसी सांसद या विधायक को किसी खास पार्टी, गुट या गठबंधन के साथ हमेशा के लिए बंधकर रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

इस दौरान मंत्री ने कहा कि सियासत में परिस्थितियां बदलती रहती हैं। भारत एक संसदीय लोकतंत्र है। यहां कुछ भी स्थायी या निश्चित नहीं होता। कोई जीतेगा, कोई हारेगा, कोई इधर जाएगा तो कोई उधर। यह लोकतंत्र की खूबसूरती है। लोकतंत्र और तानाशाही के बीच यही मूलभूत अंतर है। रिजिजू ने जोर देते हुए कहा कि भारत में न तो सैन्य शासन है और न ही कोई तानाशाही व्यवस्था। लोकतंत्र में कोई किसी को बांध नहीं सकता। हर सांसद अपने विवेक, अपनी समझ और अपनी राजनीतिक बुद्धिमत्ता के आधार पर फैसले लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।

उन्होंने विपक्षी सांसदों को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि वे बच्चे नहीं हैं, वे सांसद हैं। वे अपनी लगन, अपनी दूरदृष्टि और अपनी समझदारी से काम करते हैं। अगर कोई उनके किसी फैसले पर सवाल उठाना चाहे तो उठा सकता है, लेकिन किसी को उन्हें रोकने का कोई अधिकार नहीं है। इस दौरान रिजिजू ने आंतरिक कलह और बगावत झेल रही विपक्षी पार्टियों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यह हमारे लिए अच्छी खबर है कि वे हमारे पक्ष में आ रहे हैं। हम उनका स्वागत करते हैं।

दरअसल, केंद्रीय मंत्री की यह टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसदों द्वारा नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने के फैसले के बाद आई है। इस घटनाक्रम ने विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी है। सत्ताधारी दल भाजपा के लिए इसे राजनीतिक लाभ के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर विपक्षी खेमे में टेंशन है कि कहीं अगला नंबर उनका तो नहीं है।

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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