चावल उत्पादन में भारत की गिनती दुनिया के सबसे बड़े उत्पादकों में होती है. देश के कई राज्यों में इसकी खेती प्रमुखता से की जाती है. भारत के चावल उत्पादन (India Rice Production) में उत्तर प्रदेश का भी अहम योगदान है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर पर चावल उगाया जाता है. चावल के उत्पादन की बात करें तो साल 2022-24 में लगभग 13.70 करोड़ मीट्रिक टन यानी लगभग 137 मिलियन टन चावल का उत्पादन किया गया था.
चावल उत्पादन में पश्चिम बंगाल टॉप पर है. यहां सालाना करीब 15 मिलियन मीट्रिक टन चावल का उत्पादन होता है. यहां कई प्रकार की किस्तों के चावलों की खेती की जाती है. जिसमें अमन, बोरो और औस जैसी वैरायटी प्रमुख हैं. इसे ‘चावल का कटोरा’ कहा जाता है.
चावल के मामले में उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है.यहां लंबे और छोटे दोनों तरह के दानों वाले चावल उगाए जाते हैं. यूपी में हर साल करीब 14 मिलियन मीट्रिक टक चावल का उत्पादन होता है. यही वजह है कि यह भारत के चावल उत्पादन (India Rice Production) में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है.
अब बात करते हैं यूपी के ‘चावल का शहर’ कहे जाने वाले जिले की. बता दें कि चंदौली जिला चावल का शहर कहलाता है. यह यूपी का प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्र है. यहां की जलवायु और मिट्टी दोनों धान की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं. यह इलाका हाई क्वालिटी वाले बासमती और अन्य धान की प्रजातियों के लिए मशहूर है.
यही वजह है कि चंदौली में बड़े पैमाने पर धान की खेती की जाती है. यहां की जलवायु और गंगा नदी के किनारे की उपजाऊ भूमि अच्छी गुणवत्ता वाले बासमती चावल के लिए अच्छी मानी जाती है. चंदौली की ज्यादातर आबादी कृषि पर निर्भर है और धान यहां की प्रमुख फसल है. यहं उगाए गए चावल का व्यापार उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में किया जाता है.
लेख में दी गई ये जानकारी सामान्य स्रोतों से इकट्ठा की गई है. इसकी प्रामाणिकता की जिम्मेदारी हमारी नहीं है.एआई के काल्पनिक चित्रण का जी यूपीयूके हूबहू समान होने का दावा या पुष्टि नहीं करता.
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