प्रदेश में हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स के नाम पर उपभोक्ताओं को भ्रामक स्वास्थ्य दावों के जरिए गुमराह करने वाली गतिविधियों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से हेल्थ सप्लीमेंट, न्यूट्रास्यूटिकल्स, डाइटरी फूड सप्लीमेंट्स के निर्माताओं, रिलेबलर्स, रीपैकर्स और थोक विक्रेताओं के विरुद्ध प्रदेशव्यापी संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। 13 जिलों में चले इस अभियान के दौरान करीब एक करोड़ रुपये का संदिग्ध माल सीज किया गया है। अभियान में खाद्य सचल दलों और औषधि निरीक्षकों की संयुक्त टीमों ने आगरा, बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, झांसी, प्रयागराज, मुरादाबाद, लखनऊ, बरेली, हाथरस, मथुरा, गोरखपुर और वाराणसी में विभिन्न प्रतिष्ठानों एवं इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान करीब 63 इकाइयों का निरीक्षण, 43 नमूने संग्रहित और करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के संदिग्ध, भ्रामक दावों वाले अथवा नियमों के विपरीत पाए गए हेल्थ सप्लीमेंट एवं न्यूट्रास्यूटिकल्स को जब्त किया गया।
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने स्पष्ट किया है कि हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स के नाम पर नियमों का उल्लंघन करने, गलत अथवा भ्रामक स्वास्थ्य दावे करने और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
राजधानी लखनऊ में कार्रवाई के दौरान जेवीएस फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया। यहां से पांच नमूने लिए गए और करीब 39.50 लाख रुपये मूल्य के खाद्य पदार्थ सीज किए गए। विभाग के अनुसार प्रतिष्ठान में मिसब्रांडिंग और भ्रामक दावों के साथ-साथ स्वच्छता एवं सैनिटरी स्थिति भी अत्यंत खराब पाई गई। इसी प्रकार सेंटर फ्यूरेरा हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड में तीन न्यूट्रास्यूटिकल्स के साथ करीब 10 लाख रुपये मूल्य की एलोपैथिक औषधियां भी मिलीं। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान द्वारा केवल मार्केटिंग गतिविधि किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई। टीम ने यहां रिलेबलिंग, मार्केटिंग और पैकिंग से संबंधित गतिविधियों की भी जांच की।
गौतमबुद्धनगर स्थित बायोरीहेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड में फिनिश्ड प्रोडक्ट के भंडारण की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। टीम ने यहां तीन नमूने लिए और करीब छह लाख रुपये मूल्य का माल सीज किया। वहीं गाजियाबाद में मिसब्रांडेड और भ्रामक दावों से संबंधित तीन नमूने लिए गए तथा करीब 27 लाख रुपये मूल्य का माल सीज किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रतिष्ठानों से हेल्थ सप्लीमेंट और न्यूट्रास्यूटिकल्स के नमूने भी लिए गए।
आगरा स्थित एएसएच इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड में उत्पाद निर्माण की गतिविधि नहीं पाई गई, लेकिन उत्पादों के लेबल पर ‘पावरफुल रिजल्ट’ और ‘क्विक रिकवरी’ जैसे दावे अंकित मिले। विभाग ने इन दावों को भ्रामक मानते हुए मामले में सक्षम न्यायालय के समक्ष विधिक कार्रवाई प्रस्तावित की है। वाराणसी के सुधविन हेल्थकेयर में विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर प्रतिष्ठान को बंद किए जाने की संस्तुति की गई है।
न्यूट्रास्यूटिकल्स ऐसे खाद्य या खाद्य-आधारित उत्पाद होते हैं, जिनमें विटामिन, मिनरल, प्रोटीन, ओमेगा-3, प्रोबायोटिक्स या अन्य पोषक तत्व शामिल होते हैं। इनका उद्देश्य शरीर को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य को सपोर्ट करना होता है। इन्हें सामान्यतः दवाओं के रूप में नहीं, बल्कि पोषण एवं स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों के रूप में देखा जाता है।
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