श्रीगंगानगर में एक 13 वर्षीय स्कूली छात्रा को चार दिनों तक बंधक बनाकर कई लोगों ने दरिंदगी का शिकार बनाया। पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया …और पढ़ें
श्रीगंगानगर में 13 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी।
13 वर्षीय छात्रा को चार दिनों तक बंधक बनाकर दरिंदगी।
श्रीगंगानगर के चार होटलों में हुई वारदात, 10 आरोपी गिरफ्तार।
ई-रिक्शा चालक, होटल मालिक समेत कई लोग शामिल।
डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान के श्रीगंगानगर से एक इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 13 साल की स्कूली छात्रा के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है।
8वीं कक्षा में पढ़ने वाली इस बच्ची को कथित तौर पर चार दिनों तक अलग-अलग होटलों में बंधक बनाकर करीब कई लोगों ने अपनी हैवानियत का शिकार बनाया। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद जनता में भारी आक्रोश है और पुलिस अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, घटना 18 जून की है। पीड़ित बच्ची अपनी एक सहेली से मिलने श्रीविजयनगर गई थी। रात करीब 10:30 बजे वह श्रीगंगानगर पहुंची और घर जाने के लिए रामबाबू नाम के एक ई-रिक्शा ड्राइवर की गाड़ी में बैठी।
ई-रिक्शा ड्राइवर उसे घर छोड़ने के बजाय ‘होटल जॉय इन’ ले गया। आरोप है कि इसके बाद अगले चार दिनों तक बच्ची को नशे की हालत में एक होटल से दूसरे होटल शिफ्ट किया गया और कई लोगों ने उसके साथ गलत काम किया।
बता दें कि जांच में पहले तीन होटलों की बात सामने आई थी, लेकिन अब पुलिस ने बीरबल चौक के पास ‘ड्रीम’ नाम के एक चौथे होटल का भी पता लगाया है। इन सभी होटलों में बच्ची को छुपाकर रखा गया था।
बच्ची के गायब होने के बाद परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 22 जून को ‘होटल जॉय इन’ से बच्ची को सही-सलामत बरामद किया। बच्ची के बयानों के आधार पर पुलिस अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
गिरफ्तार लोगों में ई-रिक्शा ड्राइवर रामबाबू, होटल मालिक मयंक सैन, मैनेजर हरदीप नाथ और सचिन शामिल हैं। इसके अलावा दीपक और तरुण नाम के दो अन्य युवकों को भी शनिवार को पकड़ा गया है।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए 10 लोगों में से 5 आरोपियों ने बच्ची के साथ सीधे तौर पर दरिंदगी की, जबकि बाकी लोगों ने इस अपराध में उनका साथ दिया। मामले में पुलिस ने एक होटल को सील कर दिया है और चारों होटलों के सीसीटीवी (DVR) को अपने कब्जे में ले लिया है।
जिला पुलिस अधीक्षक (SP) हरिशंकर यादव की देखरेख में एक्सपर्ट्स की टीम फुटेज की जांच कर रही है, जिससे कुछ और नाम सामने आ सकते हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन से भी कई अहम सुराग मिले हैं।