राजौरी-पुंछ में फ्लैश फ्लड से 4 की मौत, हिमाचल-उत्तराखंड में रेड अलर्ट – Aaj Tak News

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जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में भारी बारिश ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है. यहां फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के कारण कई लोगों की जान चली गई है. मौसम विभाग ने इन इलाकों में और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश जारी है, जिससे नदियां उफान पर हैं. लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है. इस आपदा में अब तक कई मौतें हो चुकी हैं और कई लोग लापता हैं. स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है.
राजौरी और पूंछ में फ्लैश फ्लड का भयानक रूप
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में रात भर हुई लगातार भारी बारिश और ऊपरी इलाकों में बादल फटने से फ्लैश फ्लड आ गया. दारहाली नदी ने अपने किनारे की सुरक्षा दीवार तोड़ दी और बस स्टैंड समेत आसपास के इलाकों में पानी घुस गया. दर्जनों खड़ी गाड़ियां तेज पानी के साथ बह गईं. बेला कॉलोनी जैसे निचले इलाकों में पानी भर गया, सड़कें जलमग्न हो गईं और सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया.
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राजौरी में पिछले 24 घंटे में 103 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से बहुत ज्यादा है. दारहाली, खंडाली, सुक्तोह और जमोला जैसी नदियां खतरे के निशान के पास या ऊपर बह रही हैं. पूंछ जिले में भी स्थिति गंभीर है. यहां 77 mm बारिश हुई. सुरनकोट में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड से तीन शव बरामद किए गए हैं.
हवेली क्षेत्र में सात घर क्षतिग्रस्त हो गए. पूंछ में घरों के ढहने से तीन लोगों की मौत हो गई. कुल मिलाकर राजौरी और पुंछ में चार लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन पुंछ के और एक राजौरी का है. पांच या इससे ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. सर्च ऑपरेशन चल रहा है. 
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जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर यातायात प्रभावित
भारी बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर कई जगहों पर मडस्लाइड और शूटिंग स्टोन गिरने से ट्रैफिक बाधित हो गया. जखियानी और चेनानी के बीच ऊपरी ट्यूब में मलबा साफ करने का काम चल रहा है. पहले बहाल की गई डाउन ट्यूब फिर से क्षतिग्रस्त हो गई है. फिलहाल ऊपरी ट्यूब से दोतरफा यातायात चलाया जा रहा है. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है.
हिमाचल प्रदेश में रेड अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम खराब है. मंडी शहर में हल्की बारिश और घना कोहरा छाया रहा, जबकि बीस नदी सामान्य बहाव पर है. लेकिन भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में स्थानीय लैंडस्लाइड, मडस्लाइड और फ्लैश फ्लड का खतरा है.
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सभी जल स्रोतों में पानी का स्तर बढ़ सकता है. लोगों को निचले इलाकों और नदियों से दूर रहने की सलाह दी गई है. अगले दो दिनों में और भारी बारिश की संभावना है.
उत्तराखंड में भी भारी बारिश का असर
उत्तराखंड के कई इलाकों में भी जोरदार बारिश हुई है. पिछले 24 घंटे में नैनीताल के हल्द्वानी में 108 मिलीमीटर, पिथौरागढ़ के थल में 103.5 मिलीमीटर, देहरादून के हाथीबड़कला में 93 मिलीमीटर और मालदेवता में 80.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. पिछले तीन घंटे में भी काशीपुर, मालदेवता और हाथीबड़कला जैसे इलाकों में अच्छी बारिश हुई. इससे निचले इलाकों में पानी भरने और भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है.
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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू टीमें भेजी हैं. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस मिलकर लापता लोगों की तलाश कर रही है. सैकड़ों परिवारों को राहत शिविरों में रखा गया है. खराब मौसम के बावजूद हेलीकॉप्टर और बोट से बचाव कार्य चलाया जा रहा है. मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार ने स्थिति पर नजर रखी हुई है और जरूरी मदद का भरोसा दिया है.
भारी बारिश से कृषि, सड़कें, पुल और घरों को भी नुकसान पहुंचा है. कई इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई बाधित हो गई है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं. पहाड़ी इलाकों में अनियोजित विकास और जंगलों की कटाई भी बाढ़ और भूस्खलन का एक कारण बन रही है.
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में इन राज्यों में और बारिश की भविष्यवाणी की है. लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. निचले इलाकों, नदियों के किनारे और पुराने मकानों से दूर रहें. ड्राइवरों को हाईवे पर सावधानी बरतनी चाहिए. सरकार को लंबे समय में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, मजबूत बांध और वन संरक्षण पर काम करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे नुकसान कम हों. 
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