राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। …और पढ़ें
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पीएम मोदी से मुलाकात की।
राघव चड्ढा ने पीएम मोदी से मिलकर आभार व्यक्त किया।
पीएम मोदी ने 40 से अधिक एनडीए सांसदों से मुलाकात की।
संसद के मानसून सत्र में व्यवधानों पर हुई चर्चा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से दी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए चड्ढा ने लिखा कि यह एक ऐसा सुबह का वक्त है जिसे वह हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें पीएम मोदी के मार्गदर्शन और अनुभवों से बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। बता दें कि राघव हाल ही में छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए हैं।
बता दें कि इससे पहले शुक्रवार 7 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित अपने आवास पर एनडीए के तमाम घटक दलों के 40 से अधिक सांसदों के साथ सुबह की चाय पर मुलाकात की थी।
इस बैठक में हाल ही में टीएमसी (TMC) छोड़कर ‘नेशनल क्रिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) में शामिल हुए सांसद और शिवसेना (UBT) से एकनाथ शिंदे गुट में आए सांसद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य रूप से संसद के चल रहे हंगामेदार मानसून सत्र और उसमें बार-बार हो रहे व्यवधानों पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी के साथ मुलाकात को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री शिंदे ने बहुत ही सौहार्दपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने महाराष्ट्र में बारिश की स्थिति और राज्य के विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली।
साथ ही, उन्होंने नए छह शिवसेना सांसदों को खुद चाय पर आमंत्रित किए जाने पर खुशी जताई। बता दें कि इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन भी उपस्थित रहे।
इस मुलाकात के बारे में शिवसेना सांसद ज्योति वाघमारे ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के सुचारू रूप से चलने की जरूरत पर जोर दिया। पीएम ने विपक्षी दलों द्वारा लगातार किए जा रहे हंगामे पर चिंता जताई, जिसकी वजह से सदन में सार्थक चर्चा नहीं हो पाती और नए, प्रतिभाशाली सांसदों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल पाता। इस दौरान वाघमारे ने प्रधानमंत्री को सोलापुर का एक खास हथकरघा चादर भी भेंट किया जिस पर उनकी तस्वीर कढ़ी हुई थी।