रात 11:30 बजे बिगड़ी थी तबीयत, किचन में बेहोश मिले… प्रतीक यादव के आखिरी 24 घंटे की पूरी टाइमलाइन – AajTak

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समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव की मौत ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है. अब उनकी मौत से पहले के आखिरी 24 घंटों को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिससे पूरे घटनाक्रम की तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है. परिवार, घरेलू स्टाफ और डॉक्टरों से मिली जानकारी के मुताबिक, जिस समय प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ी, उस समय घर के अंदर उनकी दोनों बेटियां मौजूद थीं. घर में घरेलू स्टाफ भी था, जबकि बाहर सुरक्षा गार्ड तैनात थे. उस दौरान अपर्णा यादव असम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गई हुई थीं.
सूत्रों के अनुसार, देर रात अपर्णा यादव को पति की तबीयत खराब होने की जानकारी मिल गई थी. इसके बाद वह लगातार फोन के जरिए उनका हालचाल ले रही थीं. इसी दौरान उन्होंने एक ज्योतिषाचार्य से भी संपर्क किया था. बताया जा रहा है कि शाम करीब 6 बजे गुरुजी एस्ट्रोलॉजर को फोन कर प्रतीक यादव की स्थिति जानने के लिए कहा गया. हालांकि वह खुद नहीं पहुंच सके, लेकिन उन्होंने स्टाफ से फोन पर बातचीत की. स्टाफ ने बताया कि प्रतीक यादव अपने कमरे में आराम कर रहे हैं. यह जानकारी बाद में अपर्णा यादव तक भी पहुंचाई गई.
जानकारी के मुताबिक, रात करीब साढ़े 11 बजे प्रतीक यादव की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई. इसके बाद ड्राइवर और स्टाफ की मदद से उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया. उनके करीबी सर्विस पांडे ने दावा किया कि वहां करीब एक घंटे तक इलाज चला, हालांकि सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने इस दावे से इनकार किया है. इसी दौरान रात करीब 1 बजे अपर्णा यादव ने फिर फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी. स्टाफ से संपर्क करने पर बताया गया कि प्रतीक यादव सो चुके हैं.
स्टाफ और ड्राइवर लेकर पहुंचे अस्पताल
सुबह करीब 5 बजे घरेलू नौकर ने प्रतीक यादव को कमरे में कोहनी के बल बेहोशी की हालत में पाया. नौकर के मुताबिक, रात में उन्होंने पानी मांगा था, जो उन्हें दिया गया था. हालत गंभीर लगने पर तुरंत सिविल अस्पताल को सूचना दी गई. इसके बाद सिविल अस्पताल से इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर को घर भेजा गया. डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही थी और हार्ट फंक्शन भी काम नहीं कर रहा था. डॉक्टर ने तुरंत ईसीजी की जरूरत बताई और अस्पताल में इमरजेंसी तैयारी शुरू कराई गई. इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. इस दौरान ड्राइवर के साथ अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट भी मौके पर पहुंचे.
सिविल अस्पताल के सीएमएस डीसी पांडे के मुताबिक, सुबह करीब 6 बजे प्रतीक यादव को अस्पताल लाया गया था, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. डॉक्टरों के अनुसार शरीर में कोई हलचल नहीं थी और आंखें भी स्थिर हो चुकी थीं. परिवार के मुताबिक, पिछले तीन से चार दिनों से प्रतीक यादव घर पर ही रह रहे थे. मई के पहले सप्ताह में उनके बाएं पैर की सर्जरी हुई थी, जिसकी वजह से चलने-फिरने में परेशानी और सूजन बनी हुई थी.
बताया जा रहा है कि 30 अप्रैल के आसपास उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां तीन दिनों तक इलाज चला. हालत में सुधार होने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था. डॉक्टर रचित शर्मा की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था. ऑपरेशन के बाद उनकी दिनचर्या काफी बदल गई थी और वह ज्यादातर समय कमरे में ही रहते थे.
पल्मोनरी एंबॉलिज्म और डिप्रेशन से जूझ रहे थे प्रतीक यादव
डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक यादव लंबे समय से पल्मोनरी एंबॉलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. डॉक्टर के.के. सिंह के मुताबिक, इस बीमारी में फेफड़ों की धमनियों में खून के थक्के जम जाते हैं. यह स्थिति अक्सर पैरों की नसों में बनने वाले ब्लड क्लॉट से जुड़ी होती है, जो फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं. इससे अचानक सांस फूलना, सीने में तेज दर्द, बेचैनी और हार्ट अटैक जैसी स्थिति बन सकती है. बताया जा रहा है कि प्रतीक यादव डिप्रेशन से भी गुजर रहे थे.
 
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