रायबरेली काव्य मंच ने हिंदी भाषा के सम्मान, संवर्धन और प्रसार के लिए नई पहल शुरू की है। संस्था की ओर से 14 से 28 सितंबर तक 15 दिवसीय ‘हिंदी पखवाड़ा’ मनाया जा रहा है। परंपरागत रूप से एक दिन कार्यक्रम आयोजित करने के बजाय संस्था ने पूरे पखवाड़े को हिंदी साहित्य, भाषा और साहित्यिक चिंतन के लिए समर्पित किया है।
संस्था के पदाधिकारियों के मुताबिक हिंदी भारत की सांस्कृतिक पहचान और चेतना से जुड़ी भाषा है। इसके साहित्य और विचारों को एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं किया जा सकता। इसी उद्देश्य से देशभर में सक्रिय संस्था की 20 से ज्यादा प्रांतीय और राज्य स्तरीय इकाइयों को इस आयोजन से जोड़ा गया है।
पखवाड़े की शुरुआत 14 सितंबर को राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी से हुई। इसके बाद हर दिन अलग-अलग साहित्यिक विषयों पर चर्चा, काव्य पाठ और साहित्य के विकास को लेकर मंथन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार देश-विदेश के साहित्यकार प्रतिदिन कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। वरिष्ठ साहित्यकार और संस्था के पदाधिकारी प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं।
एक दिन के आयोजन के बजाय 15 दिन तक साहित्य पर मंथन
संस्था का कहना है कि हिंदी दिवस को सिर्फ एक दिन तक सीमित रखने के बजाय पूरे पखवाड़े को साहित्य और भाषा चिंतन के रूप में मनाने का प्रयास किया गया है। इस दौरान हिंदी साहित्य के विभिन्न पक्षों पर संवाद के साथ कविताओं का पाठ भी किया जा रहा है।
20 से ज्यादा राज्य इकाइयां आयोजन से जुड़ीं
रायबरेली काव्य मंच की देशभर में फैली 20 से अधिक प्रांतीय और राज्य स्तरीय इकाइयां इस आयोजन में भाग ले रही हैं। केंद्रीय पटल के साथ राज्य इकाइयां भी अलग-अलग साहित्यिक गतिविधियों के संचालन में भूमिका निभा रही हैं। आयोजकों के मुताबिक इससे अलग-अलग क्षेत्रों के साहित्यकारों को एक साझा मंच मिल रहा है।
देश-विदेश के साहित्यकार रोजाना हो रहे शामिल
हिंदी पखवाड़े में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी साहित्यकार जुड़ रहे हैं। हर दिन साहित्यिक विषयों पर चर्चा, काव्य पाठ और विचार-विमर्श के जरिए हिंदी के विकास और प्रसार पर मंथन किया जा रहा है। संस्था के वरिष्ठ साहित्यकार और पदाधिकारी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
केंद्रीय पटल और राज्य इकाइयों की अहम भूमिका
आयोजन को सफल बनाने में संस्था के केंद्रीय पटल और राज्य इकाइयों की भूमिका है। मुख्य मार्गदर्शकों में संस्थापक डॉ. शिवनाथ सिंह ‘शिव’, संरक्षक डॉ. इंद्रबहादुर सिंह भदौरिया ‘इंद्रेश’, केंद्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार ‘शिव’, संरक्षक डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ‘यमराज मित्र’, राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन सरोज सिंह ‘सैनिक’, केंद्रीय सचिव डॉ. विजयलक्ष्मी गुप्ता ‘अनाम अपराजिता’ और हरियाणा प्रदेश इकाई अध्यक्ष डॉ. दीपा शर्मा शामिल हैं। फरीदाबाद के ‘उजाला’ से जुड़े वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राममनोहरलाल वर्मा भी आयोजन में प्रमुख रूप से शामिल हैं।
संस्था के नेतृत्व ने संयुक्त बयान में कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से मिल रहे सह
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