कोई भी समाज विकास की ओर तभी अग्रसर हो सकता है, जब वह पुरानी रूढ़ियों और कुरीतियों का त्याग कर शिक्षा को अपना हथियार बनाए, जो समाज समयानुकूल सकारात्मक बदलाव लाता है, वही निरंतर प्रगति करता है।” यह बात राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने रविवार को खटीक समाज के 44वें स्थापना दिवस समारोह में कही।
विकसित भारत में हर वर्ग का योगदान जरूरी : राज्यपाल ने सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ बनाने पर ज़ोर देते हुए कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी पूरा होगा, जब समाज का प्रत्येक वर्ग शिक्षा, नवाचार, रोजगार और सामाजिक दायित्व के साथ आगे बढ़ेगा। डॉ. बी.आर. अंबेडकर के विचारों का स्मरण दिलाते हुए उन्होंने कहा कि संविधान का मूल संदेश समानता व बंधुत्व है और शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है।
समारोह के दौरान समाज की होनहार प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने नासिक के स्वतंत्रता सेनानी रघुनाथ जाधव के परिश्रम व राष्ट्रभक्ति को नमन किया तथा संत दुर्बलनाथ महाराज के आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील की। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया के योगदान का भी स्मरण किया।
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