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अमेरिका ने रूस के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है. अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले बिल को पास किया है. इस बिल के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत और चीन जैसे देशों पर रूस से तेल या गैस खरीदने पर 100% टैरिफ लगाने का अधिकार है.
अमेरिकी संसद के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने बुधवार को रूसी अधिकारियों और उसकी अर्थव्यवस्था के अहम क्षेत्रों पर प्रतिबंध लगाने वाला बड़ा पैकेज मंजूर किया. इसका उद्देश्य रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए जरूरी आर्थिक संसाधनों को लेकर दबाव बढ़ाना है.
इस बिल का नाम साउथ कैरोलिना के दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है. ग्राहम ने इस प्रस्ताव को तैयार करने में एक साल से भी ज्यादा समय लगाया. हाउस में बिल के पक्ष में 262 और विरोध में 159 वोट पड़े. अब इसे कानून बनने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भेजा जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस में लौटने के बाद यह यूक्रेन के समर्थन में अमेरिकी संसद की सबसे बड़ी पहलों में से एक है. इससे 2024 के इमरजेंसी सहायता पैकेज के बाद इस मुद्दे पर लगभग दो साल से चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने की कोशिश की गई है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की भी इस बिल को पारित कराने के लिए लगातार जोर दे रहे थे. पिछले महीने तो उन्होंने सीनेटरों से सीधे इसे मंजूरी देने की अपील भी की थी.
रूसी अधिकारियों, बैंकों पर प्रतिबंध
इस प्रस्ताव के तहत रूस के अधिकारियों, बैंकों और टैंकरों पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही उस ‘शैडो फ्लीट’ को निशाना बनाया गया है जो रूसी ऊर्जा की सप्लाई करता है. बिल में ट्रंप को रूस के तेल या प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े आयातकों पर 100% टैरिफ लगाने का निर्देश देने का भी प्रावधान है. हालांकि, इसमें उन देशों को छूट दी गई है जो रूस के प्राकृतिक गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं. और जिन्होंने इस आयात को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं.
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