नई दिल्ली. अफगानिस्तान ने बुधवार को जिस अंदाज में इंग्लैंड की टीम को चारों-खाने चित किया है, उसे देखते हुए अब कोई भी टीम भारत के इस पड़ोसी देश को हल्के में लेने की भूल नहीं करेगी. पहले बैटिंग करते हुए अफगान धुरंधरों ने इब्राहिम जादरान की 146 गेंदों पर 177 रन की तूफानी पारी के दम पर निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 125 रन ठोक दिए. लक्ष्य का पीछा करने के दौरान इंग्लिश टीम जो रूट के शतक के बावजूद 317 रन ही बना पाई. अब हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी रोहित शर्मा एंड कंपनी का इस खूंखार अंदाज वाली अफगानिस्तान की टीम से मैच देखना चाहता है, लेकिन यह मौजूदा चैंपियंस ट्रॉफी में कैसे संभव हो सकता है, चलिए हम आपको इसके बारे में बताते हैं.
भारतीय टीम आजतक 50 ओवरों के फॉर्मेट में अफगानिस्तान से हारी नहीं है. एक बार एशिया कप में वो मैच टाई कराने में कामयाब जरूर रहे थे. मौजूदा चैंपियंस ट्रॉफी में भारत-ए और अफगानिस्तान बी ग्रुप में है. ऐसे में लीग स्टेज पर तो दोनों का आमना-सामना होना संभव नहीं है. हां, सेमीफाइनल या फिर फाइनल में दोनों टीमें आपस में भिड़ सकती हैं. सेमीफाइनल में ग्रुप-ए के टॉपर का ग्रुप-बी की दूसरी नंबर की टीम से मैच होना है. इसी तर्ज पर ग्रुप-बी की टॉपर टीम ग्रुप-ए के दूसरी नंबर की टीम से भिड़ेगी.
न्यूजीलैंड को हराना जरूरी
भारत ने अबतक खेले अपने सभी दो मैच जीते हैं. उसका तीसरा और आखिरी ग्रुप मैच दो मार्च को न्यूजीलैंड से दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में है. अगर भारत को सेमीफाइनल में अफगानिस्तान से खेलना है तो उसे हर हाल में यह मैच जीतना होगा. अगर ऐसा होता है तो वो टेबल टॉपर के तौर पर ग्रुप-ए से सेमीफाइनल में पहुंचेगा. उसका मैच ग्रुप-बी की दूसरी नंबर की टीम से होगा. इस ग्रुप में पहले दो स्थान के बीच ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच सीधी टक्कर है. तीनों टीमों ने दो में से एक मैच जीता है.
अफगानिस्तान की राह नहीं आसान
साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया की स्थिति प्वाइंट्स टेबल में काफी मजबूत है. उनकी नेट रन रेट बेहद शानदार है. वहीं, साउथ अफ्रीका की नेट रन रेट माइनस 0.990 है. ऐसे में अफगानिस्तान के लिए इस ग्रुप से नंबर-1 टीम बनकर सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग असंभव जैसा है. नंबर-2 की टीम बनने के लिए भी उसे शानदार खेल दिखाना होगा. तभी वो ऑस्ट्रेलिया की जगह सेमीफाइनल में जगह बना सकते हैं.