‘लंबे जंग की तैयारी’ वाले जापानी बयान पर चीन का हमला, कहा- शांतिवादी छवि खोखली साबित हुई – AajTak

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चीन ने मंगलवार को जापान के तीन मुख्य सुरक्षा दस्तावेज़ों की समीक्षा करने के ताज़ा कदम की आलोचना की है. चीन ने चेतावनी दी है कि सैन्य और सुरक्षा क्षेत्रों में टोक्यो के हालिया कदमों ने ‘शांतिपूर्ण देश’ के तौर पर उसकी अपनी छवि के खोखलेपन को उजागर कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने ये बयान तब दिया, जब उनसे सोमवार को जापानी सरकार की पहली स्पेशल मीटिंग पर टिप्पणी करने के लिए कहा गया. इस बैठक का मकसद तीन सुरक्षा दस्तावेज़ों में संशोधन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था.
जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा, “जापान को रूस-यूक्रेन संघर्ष और मिडिल-ईस्ट की स्थिति से सबक लेना चाहिए. युद्ध के नए रूपों का जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए, लंबे वक्त की जंग के लिए तैयारी करनी चाहिए. इसके साथ ही समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा को मज़बूत करना चाहिए.”
न्यूज ब्रीफिंग में बोलते हुए चीनी प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि जापान का मौजूदा प्रशासन हाल ही में देश के सैन्य उद्योग को ज़ोर-शोर से विकसित कर रहा है और अब उसने खुले तौर पर लंबी अवधि के युद्ध की तैयारी करने की बात कही है.
आखिर चीन ने क्या कहा?
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किए गए बयान में कहा गया, “जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का ‘लंबे युद्ध की तैयारी’ करने का आह्वान बेहद चिंताजनक है. इस तरह की दहशत फैलाने वाली बातें और उनके प्रशासन द्वारा जापान की युद्ध मशीन को फिर से खड़ा करने की कोशिशें ठीक वैसे ही कदम लगते हैं, जैसे पिछली सदी के पहले भाग में जापान ने एक दर्जन से ज्यादा देशों पर बड़े पैमाने पर आक्रमण करने से पहले उठाए थे.”
उन्होंने आगे सवाल उठाते हुए कहा कि क्या जापान का सैन्यवादी अतीत लौट रहा है? क्या जापान एक बार फिर पूर्वी एशिया के लिए मुसीबत बन सकता है?
(2/2) Japan seems to be tearing up its “pacifist” rulebook. Its latest departure from the “exclusively defense-oriented” principle and declaration to “prepare for a long war” point to an accelerated shift onto a much more dangerous, adventurist and provocative path.

This Sunday… pic.twitter.com/WG3LjbGhVV
चीनी प्रवक्ता ने कहा, “ऐसा लगता है कि जापान अपनी ‘शांतिवादी’ नियमावली को फाड़कर फेंक रहा है. डिफेंस ओरिएंटेड सिद्धांत से उसका हालिया भटकाव और ‘लंबे युद्ध की तैयारी’ करने का ऐलान उसे एक कहीं ज़्यादा खतरनाक, दुस्साहसी और भड़काऊ रास्ते की ओर तेज़ी से आगे बढ़ने का संकेत देती है.”
उन्होंने आगे कहा, “इस रविवार को टोक्यो ट्रायल्स शुरू हुए 80 साल पूरे हो जाएंगे. ताकाइची प्रशासन का जापान के सैन्यवादी अतीत पर विचार करके इस मौके का सम्मान करने का कोई इरादा नहीं है, क्योंकि वे जापान को फिर से हथियारबंद करने की तैयारी में जुट गए हैं. कुछ जापानी अधिकारियों की हालिया बयानबाज़ी काफ़ी हद तक युद्ध-प्रचार जैसी लगती है और लोगों को युद्धकालीन जापानी सैन्यवादियों की याद दिलाती है.”
यह भी पढ़ें: चीन का कराया सीजफायर भी फेल, अफगानिस्तान पर पाकिस्तान ने फिर किया हमला, 7 की मौत, 85 जख्मी
चीनी प्रवक्ता ने कहा कि इतिहास का सबक अभी ज़्यादा पुराना नहीं हुआ है. सभी शांति-प्रिय देशों को सतर्क रहने और जापानी नव-सैन्यवाद के उभार को मज़बूती से रोकने की ज़रूरत है.
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