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पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मोदी कैबिनेट की पहली बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है.बैठक में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. बैठक में शामिल मंत्रियों ने बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी.
सरकार ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ में संशोधन का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. संशोधन लागू होने पर बंकिम चंद्र चटर्जी रचित ‘वंदे मातरम’ पर वही नियम और प्रतिबंध लागू होंगे जो अभी राष्ट्रगान के लिए हैं. इसका उल्लंघन संज्ञेय अपराध माना जाएगा.
वर्तमान कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान या राष्ट्रगान के अपमान पर जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है. प्रस्तावित बदलाव के बाद ‘वंदे मातरम’ को भी इसी दायरे में शामिल किया जाएगा और कहा गया है कि देश इस वक्त गीत की 150वीं वर्षगांठ भी मना रहा है.
अपमान करने पर हो सकती है जेल
वर्तमान कानून के तहत जो व्यक्ति राष्ट्रगान के गायन में जानबूझकर बाधा डालता है, उसे तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. दोबारा अपराध करने पर कम से कम एक साल की जेल का प्रावधान है. अब राष्ट्रीय गीत को भी इसी कानूनी दायरे में शामिल किया जा रहा है, ताकि इसकी गरिमा सुरक्षित रहे. इससे पहले 2005 में कानून में संशोधन कर तिरंगे के अपमानजनक इस्तेमाल पर रोक लगाई गई थी.
आपको बता दें कि वंदे मातरम को राष्ट्रगान के बराबर दर्जा देने की मांग पिछले साल दिसंबर में संसद ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर हुई एक विशेष चर्चा के दौरान उठी थी.
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