50 साल और इससे अधिक पुराने तथा पांच हजार से अधिक छात्र संख्या वाले राज्य विवि एवं कॉलेजों में भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रवर्तकों के नाम पर प्रस्तावित शोधपीठ के दायरे में विवि कैंपस और शहर के कॉलेज भी आएंगे। इस प्रस्ताव का लाभ मेरठ शहर के पांच डिग्री कॉलेजों को मिलना तय है। विवि कैंपस भी इस दायरे में आएगा। इन सभी में भारतीय ज्ञान प्रवर्तकों के नाम पर शोधपीठ बन जाएंगी। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में उक्त प्रस्ताव पर मुहर लग गई। इन शोधपीठों में भारतीय आचार्यों, दार्शनिकों, वैज्ञानिकों और चिंतकों के योगदान पर अनुसंधान, अभिलेखीकरण एवं व्यापक प्रसार होना है। विद्यार्थियों और शोधार्थियों में तार्किकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं वैश्विक उपयोगिता के प्रति जागरुकता भी विकसित होगी.
विवि कैंपस को 61 साल हो चुके हैं और यहां आठ हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। मेरठ कॉलेज 1892, एनएएस कॉलेज 1952, आरजी कॉलेज 1948 एवं कनोहरलाल कॉलेज 1969 में डिग्री कॉलेज के रूप में चल रहे हैं। इन सभी में छात्र संख्या भी पांच हजार से अधिक है। ऐसे में इन कॉलेजों में उक्त शोधपीठ की दावेदारी पक्की होगी। आईएन कॉलेज 1909 में स्थापित हुआ था, लेकिन यहां स्नातक की शुरुआत 1984 में हुई। यदि डिग्री पाठ्यक्रम इस योजना का आधार बना तो आईएन बाहर हो सकता है, लेकिन यदि स्थापना वर्ष को आधार माना गया तो आईएन में भी यह शोधपीठ स्थापित हो जाएगी.
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शॉर्ट बायो : प्रवीण दीक्षित पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान मेरठ में उच्च शिक्षा, मौसम एवं प्रदूषण बीट पर काम कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
प्रवीण दीक्षित भारतीय मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान में (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) उच्च शिक्षा, मौसम एवं प्रदूषण बीट पर काम कर रहे हैं। 2008 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।
कॅरियर का सफर
प्रवीण दीक्षित ने अपने कॅरियर की शुरुआत 2006 में अमर उजाला अखबार से की। यहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2008 में हिन्दुस्तान के साथ जुड़े। अमर उजाला और हिन्दुस्तान दोनों ही समाचार पत्रों में उन्हें शिक्षा, मौसम और पर्यावरण बीट पर काम करने का मौका मिला। 2008 से वे हिन्दुस्तान में लगातार इन बीट को कवर कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीएससी बायोलॉजी, बीएड के साथ-साथ हिन्दी और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर होने से प्रवीण को विज्ञान, हिन्दी और पत्रकारिता का विशेष संयोजन मिला। इसी वजह से वह शिक्षा, विशेष रूप से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा पर कमांड के साथ ही इनोवेशन, रिसर्च और डाटा विश्लेषण पर केंद्रित स्टोरीज़ लिख रहे हैं।
उच्च शिक्षा और लक्ष्य
उच्च शिक्षा, मौसम और इससे जुड़े रिसर्च के विषयों पर प्रवीण की गहरी समझ है। उच्च शिक्षा में उन्होंने अनेक एक्सक्लूसिव स्टोरी ब्रेक की हैं। प्रवीण का मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता के साथ सटीक सूचना देने पर केंद्रित है। इसी को केंद्रित करते हुए उनका लक्ष्य पाठकों को सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, शोध, यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीटीई । डाटा विश्लेषण और इस पर केंद्रित समाचार
इनोवेटिव और रिसर्च बेस्ड न्यूज स्टोरीज
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