भारत में खेली गई पिछली दो सीरीजों में वैभव सूर्यवंशी को एक भी मैच में मौका नहीं दिया गया। अफगानिस्तान के खिलाफ सितंबर में जब तीन मैचों की टी-20 सीरीज हुई तब भी 15 वर्षीय वंडर बॉय अपने मौके का इंतजार करता रहा और जब वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय शृंखला हुई तब भी उन्हें बाहर बैठना पड़ा। वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में दमदार प्रदर्शन करते हुए प्लेयर ऑफ द सीरीज के साथ- साथ मोस्ट वेल्यूएबल प्लेयर ऑफ द सीरीज और ऑरेंज कैप भी जीती थी। उनके इस प्रदर्शन के कारण केवल 15 साल की उम्र में ही टीम इंडिया में चयनित कर लिया गया और आयरलैंड सीरीज के बाद इंग्लैंड में मौका दिया गया। उन्होंने 15 साल की उम्र में डेब्यू करके इतिहास रचा। इंग्लैंड में उन्होंने तीन मुकाबले खेले, लेकिन बल्ले से रन नहीं निकले थे। हालांकि, उसके बाद जिम्बाब्वे टूर में उन्होंने प्लेयर ऑफ द सीरीज जीतकर ऐतिहासिक कारनामा किया। सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे सीरीज के बाद मौके का इंतजार करना पड़ रहा है और उन्हें उस सीरीज के बाद सिर्फ एशियन गेम्स में ही प्लेइंग XI का हिस्सा होने का चांस मिला था।
वैभव सूर्यवंशी कब खेलेंगे, खेलेंगे या नहीं, लगातार प्लेइंग XI से बाहर रहने पर उनके मन में क्या चल रहा है और टीम मैनेजमेंट उनसे किस तरह से अप्रोच कर रहा है इसके बारे में भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी-20 सीरीज समाप्त होने के बाद श्रेयस अय्यर ने खुलकर बात की है। उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि वैभव सूर्यवंशी को अपने मौके का इंतजार करना होगा। टीम मैनेजमेंट फिलहाल, वर्ल्ड कप विनिंग ओपनर्स संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के साथ ही कॉन्टिन्यू करना चाहता है। अय्यर ने युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा कि उन्हें लगातार अपने खेल और तैयारी की प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा है कि मैं उनसे यही कहता रहता हूं कि उन्हें मौका जरूर मिलेगा। अपनी प्रक्रिया में निरंतरता बनाए रखनी होगी और कभी-कभी इंतजार भी करना पड़ता है। हमारे पास दो शानदार सलामी बल्लेबाज हैं। अय्यर ने बताया है कि वैभव के साथ हमारी बातचीत इस विषय पर होती रही है।
अय्यर ने पोस्ट मैच प्रजेंटेशन में सूर्यवंशी के बारे में बात करते हुए कहा – “मैं बस उनसे यही कहता रहता हूं, तुम्हें मौका जरूर मिलेगा। देखो, दो बल्लेबाज ऐसे हैं जिन्होंने शायद… शायद नहीं, उन्होंने हमारे लिए विश्व कप जीता है और वे लगातार रन भी बना रहे हैं। तो, अगर तुम अपनी प्रक्रियाओं में निरंतरता बनाए रखो और तुम्हारा माइंडसेट थोड़ा हल्का हो, तो अभी अवसर मिलने के बारे में ज्यादा मत सोचो।” अय्यर ने आगे वैभव सूर्यवंशी के मनोभावों का अंदाजा लगाते हुए कहा- “मैं जानता हूं कि उनके दिमाग में क्या चल रहा होगा, खासकर एक शानदार आईपीएल सीजन के बाद। लेकिन कभी-कभी इंतजार करना पड़ता है और हमारे पास दो शानदार सलामी बल्लेबाज हैं जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।” उन्होंने बताया “अफगानिस्तान सीरीज से ही मेरी वैभव सूर्यवंशी से यही बातचीत हुई थी।”
विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।
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