शिक्षक एवं समाजसेवी रणविजय निषाद ने गुरुवार को सिराथू के उपजिलाधिकारी को अपनी लिखित पुस्तक ‘समग्र हिंदी व्याकरण कौमुदी’ भेंट की। इस पहल का उद्देश्य हिंदी भाषा और व्याकरण के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर रणविजय निषाद ने कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति, सभ्यता और पहचान का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए भाषा और व्याकरण के बेहतर ज्ञान को आवश्यक बताया, ताकि वे शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि पुस्तक को सरल एवं सहज शैली में तैयार किया गया है, जिससे छात्र-छात्राओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और हिंदी भाषा में रुचि रखने वाले पाठकों को लाभ मिलेगा।
उपजिलाधिकारी ने पुस्तक प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व साहित्य के क्षेत्र में इस तरह की पहल समाज के लिए प्रेरणादायी है। उपजिलाधिकारी ने रणविजय निषाद के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को नई दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है।
इस मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने भी हिंदी भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए किए गए इन प्रयासों को सराहनीय बताया।
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