व्हाइट हाउस की गेस्ट लिस्ट ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के रहस्यमयी और साए की तरह रहने वाले उनके बॉडीगार्ड की पहचान का बड़ा राज उजागर कर दिया है।
चिनफिंग के बॉडीगार्ड का नाम उजागर।
झोउ होंगशू शी चिनफिंग के मुख्य सुरक्षा अधिकारी हैं।
व्हाइट हाउस की गेस्ट लिस्ट से पहचान उजागर हुई।
वे चीन के गोपनीय ‘सेंट्रल गार्ड ब्यूरो’ के डायरेक्टर हैं।
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ साए की तरह रहने वाले उनके मुख्य सुरक्षा अधिकारी की पहचान आखिरकार दुनिया के सामने आ गई है।
सालों तक चीनी राष्ट्रपति के पीछे खड़े रहने या बैठकों में नजर आने वाले इस अधिकारी का नाम और पद चीन ने कभी सार्वजनिक नहीं किया था, लेकिन व्हाइट हाउस की एक गलती या कहें कि गेस्ट लिस्ट ने इस बड़े राज से पर्दा उठा दिया है।
बता दें कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अमेरिका में शी चिनफिंग के सम्मान में एक विशेष रात्रिभोज का आयोजन किया था। इस डिनर में शामिल होने वाले चीनी मेहमानों की जो सूची व्हाइट हाउस ने जारी की, उसी से पहली बार झोउ होंगशू का नाम और उनका पद दुनिया के सामने आया।
सामने आया है कि झोउ होंगशू ‘सेंट्रल गार्ड ब्यूरो’ के डायरेक्टर हैं। यह वही बेहद ताकतवर और संवेदनशील विभाग है जो चीन के राष्ट्रपति और अन्य शीर्ष नेताओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है। खास बात यह है कि झोउ हाल ही में नई दिल्ली में हुई शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के दौरान भी उनके साथ मौजूद थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन में झोउ होंगशू के शुरुआती जीवन, पढ़ाई या उनके पुराने पदों को लेकर लगभग न के बराबर जानकारी सार्वजनिक है। साल 2022 में हुई कम्युनिस्ट पार्टी की बड़ी बैठक में वह प्रतिनिधि जरूर बने थे, लेकिन उनकी प्रोफाइल को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि झोउ संभवतः पहले ऐसे शीर्ष सुरक्षा अधिकारी हैं, जो इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय दौरों और बैठकों में लगातार राष्ट्रपति के साथ नजर आए हैं, वरना चीनी सुरक्षा अधिकारियों का इस तरह सामने आना बेहद दुर्लभ माना जाता है।
बता दें कि इस रहस्य के पीछे वह संस्था है जिसमें झोउ काम करते हैं। ‘सेंट्रल गार्ड ब्यूरो’ चीन की सबसे गोपनीय सुरक्षा संस्थाओं में से एक है। यह बीजिंग के उस ‘झोंगनानहाई’ परिसर की सुरक्षा भी संभालती है, जहां देश के सर्वोच्च नेता और पार्टी के दिग्गज बैठते हैं।
चीनी मीडिया के अनुसार, यह विभाग पुलिस और सेना दोनों के दायरे में आता है। यहां काम करने वाले अधिकारियों के लिए शीर्ष नेतृत्व का पूर्ण विश्वास होना अनिवार्य है। यही वजह है कि सीधे राष्ट्रपति की सुरक्षा संभालने वाले इन अधिकारियों की पहचान और गतिविधियों को बेहद गोपनीय रखा जाता है।
अब भले ही आधिकारिक तौर पर उनकी जानकारी न दी गई हो, लेकिन पिछले कुछ सालों में वह कई मौकों पर कैमरे में कैद हुए।
इन सभी मौकों को देखकर यह अनुमान लगाया जाता रहा है कि उनका पुराना करियर चीन की सेना (PLA) से जुड़ा रहा होगा।
अब इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि झोउ से पहले इस पद पर वांग शाओजुन थे, जिनकी अप्रैल 2023 में मौत हो गई थी। चीनी मीडिया ने उनकी मौत की खबर भी करीब तीन महीने बाद दी थी और बीमारी का नाम तक नहीं बताया था। उनकी मौत के बाद ही आधिकारिक रूप से सामने आया था कि वे सेंट्रल गार्ड ब्यूरो के प्रमुख थे।
अब जबकि अगले साल अक्टूबर में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की 21वीं राष्ट्रीय कांग्रेस होने वाली है, जहां शीर्ष नेतृत्व में बड़े बदलावों की संभावना है, ऐसे में झोउ होंगशू जैसे युवा और ताकतवर अधिकारियों की भूमिका पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।