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पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई.
बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा के मुताबिक़ ये घटना राजधानी कोलकाता के क़रीब मध्यमग्राम में हुई.
समाचार एजेंसियों के जारी वीडियोज़ में चंद्रनाथ रथ को अस्पताल ले जाते दिखाया गया है. जिस गाड़ी में वो सवार थे उसमें विधानसभा पास का स्टिकर भी लगा हुआ है.
बीजेपी ने चंद्रनाथ रथ की हत्या को 'सुनियोजित' बताया है. तृणमूल कांग्रेस ने घटना की निंदा करते हुए इसकी जांच की मांग की है. पुलिस ने कहा है कि उसने मामले की जांच शुरू कर दी है.
ग़ौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में हुए चुनाव में भवानीपुर से टीएमसी नेता और निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को क़रीब 15 हज़ार वोटों से हराया था.
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के बाद ये आशंका ज़ाहिर की जा रही थी कि हिंसक घटनाएं हो सकती हैं. राज्य में तोड़फोड़ और हिंसा की कई ख़बरें आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने बयान जारी कर आरोप लगाया था कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लोग अपनी पहचान बदलकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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राज्य के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने समाचार एजेंसी से कहा, "मामले की जांच शुरू कर दी गई है. इस क्राइम में जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था उसे ज़ब्त कर लिया गया है लेकिन गाड़ी की नंबर प्लेट ग़लत है. हमें घटनास्थल से ज़िंदा कारतूस भी मिले हैं. चश्मदीदों के बयान और अब तक मिले सबूतों के आधार पर इनवेस्टीगेशन को आगे बढ़ाया जा रहा है."
वहीं शुभेंदु अधिकारी ने घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा, "ये एक सुनियोजित हत्या थी. डीजीपी ने भी यही बताया है. 2-3 दिन पहले रेकी की गई थी."
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उन्होंने कहा कि ये टीएमसी के 15 सालों के महाजंगल राज का परिणाम है.
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "हम सब शोक में हैं. अपने दुख को बयां करने के लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं. हमारे केंद्रीय नेतृत्व ने घटना की जानकारी ली है. कैबिनेट मिनिस्टर सुकांत मजूमदार ने चंद्रनाथ रथ के परिवार और पुलिस से बात की है. पूरी पार्टी इस मामले में एकजुट है."
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा, "हम मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की क्रूर हत्या और साथ ही चुनाव के बाद हुई हिंसा में बीजेपी के लोगों के हाथों मारे गए तीन टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या की निंदा करते हैं."
टीएमसी ने कहा कि वो इस पूरे घटनाक्रम पर सख़्त कार्रवाई की मांग करती है.
पार्टी ने बयान में आगे कहा, "हम मांग करते हैं कि अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच हो, ताकि दोषियों की पहचान कर उन्हें बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाया जा सके. लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं की कोई जगह नहीं है और दोषियों को जल्द से जल्द जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए."
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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ 41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ मूल रूप से पूर्व मेदिनीपुर ज़िले के चांदीपुर के रहने वाले थे. वो शुभेंदु अधिकारी के बेहद क़रीबी थे और राज्य की राजनीति में अधिकारी के उभार का क्रेडिट उन्हें भी जाता है.
वर्षों तक अधिकारी के आंतरिक सर्कल का हिस्सा होने के बावजूद, वो काफी हद तक बैकग्राउंड में ही रहे.
सक्रिय राजनीतिक संगठनात्मक कार्य में आने से पहले, रथ ने रामकृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद लगभग दो दशक भारतीय वायु सेना में बिताए थे.
परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि अपने छात्र जीवन के दौरान वो रामकृष्ण मिशन की विचारधारा से गहराई से प्रभावित थे.
वायु सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद, उन्होंने कुछ समय कॉरपोरेट सेक्टर में काम किया, इसके बाद धीरे-धीरे राजनीतिक समन्वय और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में आ गए.
अधिकारी के परिवार की तरह, उनका परिवार भी पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था.
परिवार के परिचितों ने बताया कि रथ परिवार और अधिकारी के बीच संबंध दो दशक से भी अधिक पुराने हैं, जो पूर्व मेदिनीपुर में टीएमसी के विस्तार के शुरुआती वर्षों तक जाते हैं.
वो कई हाई-वोल्टेज राजनीतिक लड़ाइयों के दौरान बीजेपी कोर टीम का हिस्सा भी थे, जिनमें भाजपा का भवानीपुर अभियान भी शामिल था.
भाजपा संगठन के कुछ वर्गों के भीतर यहां तक अटकलें भी थीं कि यदि विधानसभा चुनावों के बाद अधिकारी सरकार में बड़ी भूमिका संभालते हैं, तो रथ को बड़ी प्रशासनिक ज़िम्मेदारी सौंपी जा सकती है.
उनकी हत्या से राज्य में एक बार फिर से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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