शेख हसीना की नहीं होगी घर वापसी? बांग्लादेश पीएम तारिक रहमान की भारत यात्रा पर फंसा पेच – Jagran

भारत और बांग्लादेश के बीच पीएम तारिक रहमान की प्रस्तावित यात्रा पर सहमति नहीं बन पाई है, क्योंकि बांग्लादेश शेख हसीना के प्रत्यर्पण और गतिविधियों पर रोक की शर्त रख रहा है।
तारिक रहमान की भारत यात्रा पर शेख हसीना को लेकर फंसा पेच
पीएम तारिक रहमान की भारत यात्रा पर सहमति नहीं।
बांग्लादेश ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण की शर्त रखी।
भारत ने हसीना की अभिव्यक्ति पर रोक से इनकार किया।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश में तारिक रहमान की नई सरकार के बीच संबंध बेहतर होने की जो उम्मीदें बनी थीं, शेख हसीना को लेकर बंग्लादेश के अड़ियल रुख के कारण वह बिखरती हुई दिख रही हैं।
अगले महीने होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में विशेष मेहमान के तौर पर प्रधानमंत्री तारिक रहमान को आमंत्रित कर भारत ने आपसी भरोसा बनाने की जो कोशिश की थी, वह भी आगे बढ़ती नहीं दिख रही।
ऐसा लगता है कि रहमान न तो ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत आएंगे और न ही उसके पहले किसी द्विपक्षीय दौरे पर। दोनों देशों के बीच इस बारे में चल रही वार्ता किसी ओर बढ़ती नहीं दिख रही।
खास तौर पर पूर्व पीएम शेख हसीना की अभिव्यक्ति पर लगाम लगाने की रहमान सरकार की किसी दबाव के आगे भारत झुकता नहीं दिख रहा।
पीएम रहमान की आगामी यात्रा के बारे में पूछने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘भारत बांग्लादेश के साथ आपसी हितों और पारस्परिकता के आधार पर सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी संबंध चाहता है। पूर्व प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर हमारा रुख दोहराने की जरूरत नहीं है। प्रत्यर्पण के मुद्दे पर हमारा लगातार रुख रहा है कि ये अनुरोध हमारी स्थापित प्रक्रियाओं के हिस्से के रूप में जांचे जा रहे हैं।’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के इस बयान से साफ है कि प्रधानमंत्री रहमान की यात्रा को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है।
दो दिन पहले ही बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री रहमान की भारत यात्रा को लेकर दो शर्तें रखी थीं। एक थी कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यर्पित किया जाए। बांग्लादेश सरकार ने भारत में निर्वासित जीवन यापन कर रही पूर्व प्रधानमंत्री हसीना की गतिविधियों पर भी रोक लगाने की बात कही थी।
बांग्लादेश सरकार यह चाहती है कि पूर्व प्रधानमंत्री को मीडिया से दूर रखा जाए। जबकि मंगलवार को ही एक भारतीय मीडिया में हसीना का आलेख छपा है, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश सरकार पर बड़ा हमला किया है और वहां की सरकार की तरफ से अतिवादियों को प्रश्रय देने का मुद्दा उठाया है।
शेख हसीना ने अपने आलेख की शुरुआत इन शब्दों से की है, ‘बांग्लादेश, एक शांतिपूर्ण, उदारवादी मुस्लिम देश, टूटने के कगार पर है।’
शेख हसीना ने आगे लिखा है, ‘2001 और 2006 के बीच, बीएनपी-जमात सरकार के अधीन, बांग्लादेश आतंकवाद और हिंसक धार्मिक अतिवाद का अड्डा बन गया था। हरकत-उल-जिहाद, जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश और अन्य उग्रवादी नेटवर्कों को जगह, शरण और आत्मविश्वास मिला। यह बांग्लादेश के मुक्ति युद्ध की विचारधारा के खिलाफ था।’
यह भी पढ़ें- बांग्लादेशी महिला एक महीने बाद अवैध तरीके से लौटी, पुलिस ने किया गिरफ्तार; घुसपैठ के पीछे क्या है साजिश?

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News