श्रावस्ती में बंद पड़ी राइस मिल में हो रहा था गैरकानूनी काम, छापे जा रहे थे भारतीय जाली नोट – illegal activities were taking place in a defunct rice mill in shravasti where counterfeit indian currency notes were being printed – Jagran

Shravasti Crime: एक लाख रुपये के असली नोट के बदले तीन लाख रुपये के जाली नोट देने के लिए ग्राहकों को तैयार कर रहे थे।
श्रावस्ती में एसपी राहुल भाटी 
एसटीएफ व पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतरजनपदीय गिरोह का किया पर्दाफाश
मुंबई में तथा यूट्यूब वीडियो से ली नोट छापने की जानकारी
एक लाख 74 हजार रुपये जाली नोट, प्रिंटर, इंक रिफिल व नोट छापने में प्रयुक्त उपकरण बरामद
जागरण संवाददाता, श्रावस्ती । बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक श्रावस्ती में अपवित्र कार्य हो रहा था। यहां के सोनवा क्षेत्र में मल्हीपुर-बहराइच मार्ग पर भिठिया चिचड़ी गांव स्थित बंद पड़ी गिरिराज चावल मिल में भारतीय जाली नोट छापने का कारोबार चल रहा था।
लखनऊ की एसटीएफ व सोनवा थाने की पुलिस की संयुक्त टीम ने इस कृत्य में लिप्त अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। तीन आरोपितों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मौके से जाली नोट व छापने के उपकरण बरामद हुए हैं।
एसपी राहुल भाटी ने बताया कि गुरुवार को एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ के अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार नागर के पर्यवेक्षण में सोनवा थानाध्यक्ष विशुनदेव पांडेय व एसटीएफ की संयुक्त टीम ने मल्हीपुर-बहराइच मार्ग स्थित बंद पड़ी गिरिराज चावल मिल में छापेमारी की।
इस दौरान बहराइच के देहात कोतवाली क्षेत्र के गोंडा रोड शिवनगर के गिरिजा शंकर जायसवाल, श्रावस्ती में लालबोझी के नरेंद्र कुमार चौरसिया व इकौना क्षेत्र के भगवानपुर बनकट के वृजेंद्र गोस्वामी को जाली भारतीय मुद्रा की छपाई करते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। तलाशी में मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस व पांच हजार पांच सौ रुपये बरामद हुए।
घटनास्थल से एक लाख 74 हजार रुपये जाली नोट (100, 200 व 500 रुपये, कुल 804 जाली नोट), एक कलर प्रिंटर, इंक रिफिल, बांड पेपर, स्केल, कटर ब्लेड, कैंची समेत जाली नोट तैयार करने में प्रयुक्त अर्द्धनिर्मित सामग्री व कतरन बरामद हुआ।
आरोपितों ने बताया कि जाली नोट छापने के लिए सामग्री लखनऊ के लालबाग की एक एजेंसी से खरीदकर लाए थे। मुंबई में तथा यूट्यूब वीडियो से नोट छापने की जानकारी ली थी। आरोपित वृजेंद्र नोटों की छपाई करता था, गिरिजा व नरेंद्र नोटों की कटाई, गड्डियां बनाने व पैकिंग करते थे।
दीपावली त्योहार में जाली नोटों को बाजार में खपाने की तैयारी थी। एक लाख रुपये के असली नोट के बदले तीन लाख रुपये के जाली नोट देने के लिए ग्राहकों को तैयार कर रहे थे। मुनाफे को तीनों में बराबर-बराबर बांटने की सहमति बनी थी। वृजेंद्र के विरुद्ध पहले से इकौना थाने में आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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