सऊदी अरब के मदीना में हूतियों का हमला, पैगंबर की मस्जिद का पावर स्टेशन निशाने पर – Aaj Tak

Feedback
सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया है कि हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक मदीना में पावर स्टेशन पर हमला किया है. इस हमले में वहां मौजूद एक ट्रांसफॉर्मर तहस-नहस हो गया है. इस पावर स्टेशन से पैगंबर की मस्जिद को बिजली सप्लाई की जाती है. इस मस्जिद को मस्जिद-ए-नबवी कहा जाता है. इस हमले से ट्रांसफॉर्मर तो खराब हुआ लेकिन बिजली नेटवर्क पर कोई असर नहीं पड़ा है. 
हूतियों द्वारा संचालित सबा समाचार एजेंसी के अनुसार हूतियों ने हमले को अंजाम देने से इनकार किया और कहा कि सऊदी का दावा झूठ है. हूतियों की ओर से कहा गया है कि यह दावा सऊदी की उस नाकामी को छिपाने के लिए किया गया था जिसमें वह अपने पहले के उन दावों को साबित नहीं कर पाया था. 
इससे पहले सऊदी अरब ने मक्का पर भी ड्रोन से हमले का दावा किया था, लेकिन हूतियों ने इससे भी इनकार किया था. 
गठबंधन के आरोपों के कुछ घंटों बाद हूतियों ने यमन की राजधानी सना और यमन के दूसरे हिस्सों पर सऊदी हमलों की खबर दी. हालांकि सऊदी अरब की तरफ से इन खबरों की तुरंत पुष्टि नहीं की गई. 
लेकिन अरब न्यूज के अनुसार सऊदी समर्थित यमन की सेना के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने पिछले तीन घंटों में 20 सटीक हवाई हमले किए. इन हमलों में ताइज़ प्रांत में हूतियों की गतिविधियों, अतिरिक्त सैनिकों, जमावड़ों, लड़ाकों, गाड़ियों और सैन्य उपकरणों को निशाना बनाया गया. 
प्रवक्ता ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, “इन हमलों में दुश्मन के ठिकानों पर सीधे प्रहार किए गए और मिलिशिया के लड़ाकों, उपकरणों और सैन्य गतिविधियों को नुकसान पहुंचाया गया.”
यमन की सेना ने कहा कि उसने राजधानी सना में अहम ठिकानों पर हमले किए. ये हमले सऊदी अरब के मदीना में हूती मिलिशिया द्वारा पावर स्टेशन पर हमला करने की खबरों के कुछ ही घंटों बाद किए गए.
अरब न्यूज ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि ईरान के समर्थन वाले हूथी विद्रोहियों ने पैगंबर की मस्जिद को बिजली सप्लाई करने वाले स्टेशन को निशाना बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया. 
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि तैबा बिजली स्टेशन पर 29 सितंबर की सुबह हमला हुआ था. 
मलिकी ने कहा कि जांच में पता चला है कि हूती मिलिशिया ने इस “कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले” की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया. 
हाल ही में बढ़ी हिंसा, सऊदी अरब और ईरान के समर्थक हूती विद्रोहियों के बीच सबसे गंभीर लड़ाई है. इससे पहले 2022 में UN की मध्यस्थता से हुए समझौते के बाद सीमा पार हमले काफी हद तक रुक गए थे. इस साल जुलाई में हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब की समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की और सऊदी इलाके और जहाजों पर हमले शुरू कर दिए, जिससे फिर से लड़ाई शुरू हो गई. साथ ही हूती सेना ने यमन के लाल सागर तट पर कई इलाकों पर कब्ज़ा भी कर लिया.
सऊदी अरब ने इसके जवाब में यमन में हवाई हमले किए हैं और हूथी विद्रोहियों से लड़ रही सरकारी सेना का समर्थन किया है.
 
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News