एअर इंडिया की एक उड़ान में गंभीर टर्बुलेंस के कारण यात्रियों को भयानक अनुभव हुआ, जिसमें वे हवा में उछले, छतें टूटीं और कई घायल हुए। यात्रियों ने मौत क …और पढ़ें
टर्बुलेंस की वजह से घायल यात्रियों को इलाज के लिए ले जाते हुए। फोटो: वीडियो ग्रैब
विमान में गंभीर टर्बुलेंस से यात्री हवा में उछले, घायल हुए
सीट बेल्ट न बांधने वाले यात्री छत से टकराए, छत टूटी
यात्रियों ने आपातकालीन लैंडिंग न होने पर सवाल उठाए
गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। ‘हम सब आराम से बैठे थे। कुछ लोग सो रहे थे कि अचानक प्लेन किसी खिलौने की तरह हवा में गोते खाने लगा।
करीब दो से तीन मिनट तक समझ ही नहीं आया कि हम जिंदा बचेंगे या नहीं…’ दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर पर बाहर लाए गए एक बुजुर्ग यात्री ने रुंधे गले से कहा, ‘मैंने अपनी जिंदगी में बहुत सफर किया है, लेकिन ऐसा भयानक मंजर कभी नहीं देखा।
वो 2-3 मिनट ऐसे थे जैसे हम मौत के मुंह में हों। जब तक विमान सामान्य नहीं हुआ, सब अपनी-अपनी जगह भगवान को याद कर रहे थे। सही-सलामत जमीन पर कदम रखकर लग रहा है कि नया जीवन मिला है।’
टर्बुलेंस का शिकार विमान एयरपोर्ट पर उतरा, तो बाहर निकलने वाले यात्रियों के सिर, हाथ और पैरों पर पट्टियां बंधी थीं। यात्रियों के चेहरे पर दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद भी मौत का खौफ साफ झलक रहा था।
व्हीलचेयर पर पट्टियां बांधे बाहर निकल रहे एक यात्री ने उस भयानक मंजर को बयां करते हुए कहा कि सुबह का वक्त था तो ज्यादातर यात्री सो रहे थे। तभी अचानक विमान बुरी तरह हिचकोले खाने लगा।
जिन्होंने सीट बेल्ट नहीं बांधी थी, सीट से उछलकर छत से जा टकराए। सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
यात्रियों ने बताया कि झटका इतना जोरदार था कि केबिन के सीलिंग पैनल तक टूट गए। यात्रियों के फोन, बैग और खाने की ट्रे हवा में उछलकर गलियारे में गिर गए। विमान में चीख-पुकार मच गई।
यात्रियों के मुताबिक, कई लोगों के सिर, गर्दन और कंधे पर गहरी चोटें आईं। अचानक हुए एल्टिट्यूड लास (ऊंचाई में कमी) के कारण केबिन प्रेशर में तेजी से बदलाव आया।
इससे कई यात्रियों के कान में असहनीय दर्द हुआ और कुछ यात्रियों के कान से खून बहने लगा व सुनने में दिक्कत की शिकायत हुई। सदमे और चोट के कारण दो-तीन यात्री बेहोश हो गए।
इसी उड़ान में अपनी मां और बहन के साथ यात्रा कर रही इटली की महिला यात्री विवियाना ने बताया कि उड़ान के दौरान विमान सबकुछ सामान्य था, तभी अचानक झटके लगने शुरू हुए।
झटका इतना तेज था कि मेरी बहन अपनी सीट से उछलकर सीधे छत से जा टकराई। मेरी मां के सिर पर जोर से चोट लगी। मेरा फोन हाथ से छूटकर दूर जा गिरा। मेरे पीछे बैठे यात्री का चेहरा खून से लथपथ था। सब चीख रहे थे, रो रहे थे… हमें लगा अब हम नहीं बचेंगे।
विमान में सवार एक यात्री ने इस पूरे प्रकरण में पायलट के रवैये पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब यह घटना हुई तब पायलट बस पांच मिनट, पांच मिनट में लैंडिंग की बात करते रहे, लेकिन वह पांच-पांच मिनट काफी देर के बाद भी नहीं आया।
इधर लोगों की स्थिति गंभीर होती रही। एक बच्चा जो सीट नंबर सात पर बैठा था, वह सीट नंबर 11 तक उछलकर पहुंच गया। अंदर लोगों के मन में कैसी दहशत होगी, इसे आप समझ सकते हैं।
यात्री ने कहा कि आखिर टर्बुलेंस के तत्काल बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग क्यों नहीं कराई गई? यात्री ने कहा कि इस मामले में जो लापरवाही हुई है, उसके खिलाफ वह कोर्ट जाएंगे।
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